एशियाई समुद्रों में डकैती की घटना नहीं

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एशियाई समुद्रों में डकैती की घटना नहीं

एशियाई जलक्षेत्रों में जहाजों पर सशस्त्र डकैती की 99 वास्तविक घटनाएं और एक प्रयास हुआ।
सिंगापुर स्थित एक नौवहन संगठन की रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। समुद्री डकैती
और सशस्त्र डकैती से निपटने पर क्षेत्रीय सहयोग समझौता (आरईसीएएपी) के
कार्यकारी निदेशक कृष्णास्वामी नटराजन ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि
2023 में हालांकि 100 घटनाओं में 2022 की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई,

बांग्लादेश और मलेशिया में एक-एक घटना दर्ज की गई

ये छोटी-मोटी डकैतियां थीं, जिनमें नाममात्र मूल्य के तार, पीतल के जहाज के उत्पाद, इंजन के पुर्जे
और कबाड़ जैसी वस्तुओं की चोरी शामिल थी।उन्होंने बताया कि 2023 में भारत में ऐसी पांच घटनाएं हुईं,
2022 में भी यह संख्या उतनी ही थी। वहीं बांग्लादेश और मलेशिया में एक-एक घटना दर्ज की गई,
जबकि 2022 में क्रमशः पांच और दो घटनाएं हुईं।
वर्ष की समीक्षा करते हुए नटराजन ने बताया कि
इंडोनेशिया, फिलिपीन, मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य
(एसओएमएस), थाईलैंड और वियतनाम में घटनाओं में वृद्धि हुई है।

एशियाई समुद्रों में डकैती की घटना नहीं

भारतीय तटरक्षक बल के पूर्व महानिदेशक ने कहा कि चिंता की बात यह है कि
2022 में 55 घटनाओं की तुलना में एसओएमएस में 63 घटनाएं हुईं।

सिंगापुर, नौ जनवरी (भाषा) एशियाई समुद्री क्षेत्र में डकैती की घटनाओं की कोई रिपोर्ट नहीं हुई,

लेकिन 2023 में दक्षिण पूर्व एशियाई जलक्षेत्रों में जहाजों पर सशस्त्र डकैती की 99 वास्तविक

घटनाएं और एक प्रयास हुआ। सिंगापुर स्थित एक नौवहन

संगठन की रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।

समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती से

निपटने पर क्षेत्रीय सहयोग समझौता (आरईसीएएपी)

के कार्यकारी निदेशक कृष्णास्वामी नटराजन ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा

कि 2023 में हालांकि 100 घटनाओं में 2022 की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई,

इंजन के पुर्जे और कबाड़ जैसी वस्तुओं की चोरी शामिल

ये छोटी-मोटी डकैतियां थीं, जिनमें नाममात्र मूल्य के तार, पीतल के जहाज के उत्पाद,

इंजन के पुर्जे और कबाड़ जैसी वस्तुओं की चोरी शामिल थी।

उन्होंने बताया कि 2023 में भारत में ऐसी

पांच घटनाएं हुईं, 2022 में भी यह संख्या उतनी ही थी।

वहीं बांग्लादेश और मलेशिया में एक-एक घटना दर्ज की गई,

जबकि 2022 में क्रमशः पांच और दो घटनाएं हुईं।

वर्ष की समीक्षा करते हुए नटराजन ने

बताया कि इंडोनेशिया, फिलिपीन, मलक्का

और सिंगापुर जलडमरूमध्य (एसओएमएस),

थाईलैंड और वियतनाम में घटनाओं में वृद्धि हुई है।

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