प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि
भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत अगर कीचड़ उछालेंगी तो छींटे उन पर भी पड़ेंगे। कांग्रेस के
पास उनके खिलाफ बोलने के लिए बहुत कुछ है। कंगना उनकी बहन है। कोई उन्हें अपशब्द
बोलेगा तो हम उसका विरोध करेंगे। लेकिन यह एकतरफा नहीं होगा और न ही कंगना का
दोहरा चरित्र यहां चलेगा।मंडी के होटल राजमहल में आयोजित मंडी संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस
पदाधिकारियों की बैठक में लोक निर्माण मंत्री व मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी विक्रमादित्य
सिंह (Vikramaditya Singh) ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर कटाक्ष किया है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रत्याशी कंगना रनौत अगर कीचड़ उछालेंगी तो छींटे उन पर भी
पड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कंगना का दोहरा चरित्र यहां नहीं चलेगा।
मंडी में हुई बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने कंगना रनौत को दी हिदायत
विक्रमादित्य सिंह बुधवार को मंडी के होटल राजमहल में आयोजित मंडी संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस
पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल की संस्कृति के
अनुरूप और मुद्दों पर आधारित चुनाव लड़ेंगे। लोकसभा की चारों और विधानसभा के सभी छह
उपचुनाव जीतेंगे। छह विधानसभा के उपचुनाव को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा
कि सरकार और संगठन में आने वाले दिनों में और बेहतर तालमेल होगा।
कार्यकर्ताओं का बढ़ाया जाएगा मनोबल
कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर जिले में सरकार और संगठन की संयुक्त रैलियां होंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रख खर्चे कम कर और आय स्त्रोत
बढ़ाने का काम किया है। वाटर सेस के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। जयराम ठाकुर डबल
इंजन सरकार का रोना रोते रहे, एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाए। केंद्र सरकार चुनाव जीतने के
लिए अपने विरोधियों को ईडी,सीबीआई और आयकर विभाग से प्रताड़ित करवा लोकतंत्र
की हत्या करने पर उतर गई है।
कंगना रनौत अगर कीचड़ उछालेंगी तो
प्रदेश सरकार पर कोई संकट नहीं है। लाहुल स्पीति की सीट जीत और मजबूती प्रदान करेंगे।
वह वीरभद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर चल दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं।
कार्यकर्ता व नेता अहम त्याग हवा में नहीं धरातल पर चुनाव लड़ेंगे तो जीत सुनिश्चित है।
उन्होंने आग्रह किया कि कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता भाजपा के 50-50 कार्यकर्ताओं पर
भारी पड़ना चाहिए। बैठक की रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
