
की लेकिन वह इससे दोगुनी तेजी से देश में शीर्ष स्तर पर पहुंच गई हैं।
कल्याण से हिसार और फिर विश्व चैंपियनशिप तक, ढाबा मालिक की बेटी वैष्णवी पाटिल चयन ट्रायल में छाई
वैष्णवी ने ट्रायल के फाइनल में मुस्कान को 7-2 से हराने के बाद कहा
‘‘मैंने 2020 के अंत में मैट कुश्ती शुरू की।
उससे पहले मैं सिर्फ मिट्टी की कुश्ती ही करती थी।
जब मैंने 2016 रियो में साक्षी मलिक को पदक जीतते देखा तो मैंने तय कर लिया
कि मुझे क्या करना है, मैं बस इसी खेल को अपनाना चाहती हूं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता एक ढाबा चलाते हैं और मेरी मां गृहिणी हैं।
मेरे माता-पिता मेरे लिए सब कुछ संभाल रहे हैं।
महाराष्ट्र में ज्यादा अच्छी अकादमियां नहीं थीं तो मैं हिसार आ गई।
बाईस साल की वैष्णवी सुशील कुमार अखाड़े में कोच जसबीर के अधीन प्रशिक्षण ले रही हैं।
वैष्णवी 2016 ओलंपिक चैंपियन, तोक्यो (2021) और पेरिस खेलों (2024)
की कांस्य पदक विजेता और सात बार की विश्व पदक विजेता
अमेरिकी पहलवान हेलेन मारौलिस को अपना आदर्श मानती हैं।