
कहा- उनकी रुचि सिर्फ राजनीति में
महाराष्ट्र की सीमा से सटे बेलगावी में 2006 से हर साल एक बार विधानमंडल सत्र आयोजित किया जाता है।
बेंगलुरु में राज्य सचिवालय विधान सौध की तर्ज पर स्वर्ण विधान सौध का निर्माण यह दर्शाने के लिए किया
गया था कि बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है। महाराष्ट्र का दावा है कि बेलगावी और उसके आसपास के
कुछ इलाके उसका हिस्सा हैं।यह पूछे जाने पर कि क्या सत्र के दौरान उत्तरी कर्नाटक से संबंधित सिंचाई मुद्दों
पर चर्चा की जाएगी तो जल संसाधन मंत्री शिवकुमार ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार
है। महादयी परियोजना के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने हाल ही में केंद्रीय वन मंत्री
(भूपेंद्र यादव) और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से इस बारे में मुलाकात की थी…हमने निविदा आमंत्रित
की हैं और प्रक्रिया पूरी है तथा जैसे ही हमें (केंद्र से) अनुमति मिल जाएगी, हम काम शुरू कर देंगे।
’’ उन्होंने कहा कि जोशी और भाजपा सांसद जगदीश शेट्टर को अनुमति हासिल करने की जिम्मेदारी
लेनी चाहिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें अनुमति मिलने को लेकर कुछ हद तक भरोसा है।’’ यह पूछे
जाने पर कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर हुए कोविड-19 घोटाले के संबंध
में दर्ज प्राथमिकी में किसी भी नेता का नाम क्यों नहीं है, शिवकुमार ने कहा, ‘‘हमने भाजपा नेताओं
पर कुछ नहीं कहा है, सेवानिवृत्त न्यायाधीश माइकल डी कुन्हा आयोग की रिपोर्ट के आधार
पर कार्रवाई की जा रही है।’’