
भिंडी एक ऐसी सब्जी है जिसे खाना अधिकतर लोगों को अच्छा लगता है। लेकिन इसे
बनाना जितना आसान लगता है, उतना वास्तव में होता नहीं है। अक्सर भिंडी बनाते
समय वह चिपचिपी हो जाती है, जिसकी वजह से उसे खाने का मजा ही खराब हो
जाता है।हो सकता है कि आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता हो, लेकिन ऐसे में
आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप कुछ छोटी-छोटी बातों का
ख्याल रखती हैं तो इससे आप एकदम नॉन-स्टिकी और टेस्टी भिंडी बना सकते हैं।
यह तो हम सभी जानते हैं कि भिंडी बनाने से पहले उसे धोना जरूरी है, लेकिन
धोने के बाद उसमें बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए। अगर आप हल्क गीली
भिंडी भी काटते हैं तो उसमें मौजूद प्राकृतिक लसलसापन ज्यादा निकलता है।
इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप भिंडी को धोकर किसी साफ कपड़े या किचन
टॉवल से अच्छी तरह पोंछ लें और कुछ देर हवा में सूखने दें।
कुरकुरी और नॉन-स्टिकी भिंडी बनाने के लिए आजमाए ये स्मार्ट किचन टिप्स
जब आप भिंडी को पकाते हैं तो यह जरूरी है कि उसकी शुरुआत मध्यम से तेज
आंच पर करें। तेज आंच पर पकाने से उसकी नमी जल्दी निकलती है और चिपचिपाहट
कम होती है। हालांकि बाद में आप जरूरत के अनुसार आंच कम कर सकते हैं। कई
बार गलती रेसिपी में नहीं, बल्कि बर्तन में होती है। अगर पैन छोटा है और उसमें बहुत
ज्यादा भिंडी डाल दी गई है, तो भिंडी भाप में पकने लगती है। इससे वह चिपचिपी हो
सकती है। इसलिए कोशिश करें कि आप किसी चौड़े पैन या कड़ाही का इस्तेमाल करें
ताकि भिंडी को पर्याप्त जगह मिले।भिंडी की चिपचिपाहट कम करने का एक तरीका
यह भी है कि आप थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं। जब भिंडी आधी पक जाए, तब उसमें
कुछ बूंदें नींबू का रस डाल दें। इससे स्वाद भी बढ़ेगा और चिपचिपाहट भी कम होगी।
नींबू की ही तरह अन्य खट्टे तत्व भिंडी की लसलसाहट कम करने में मदद करते हैं।
इसलिए, अगर आप चाहें तो अमचूर पाउडर, टमाटर या थोड़ा सा इमली का पानी भी
इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इन्हें जरूरत से ज्यादा न डालें, वरना स्वाद पर
काफी असर पड़ सकता है।