
क्या उप्र में एक समय में परीक्षा कराने के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है
उन्होंने सरकार से पूछा, क्या उप्र के पास एक समय में परीक्षा कराने की
बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव है कि पीसीएस आदि जैसी विशिष्ट
परीक्षा दो दिन में करानी पड़ रही है? पेपर लीक पर रोक व परीक्षाओं की
विश्वसनीयता अहम मुद्दा है, जिसके लिए एक बार में ही परीक्षा व्यवस्था
जरूरी है। सरकार इस ओर ध्यान दे। मायावती ने साथ ही कहा कि गरीबी,
बेरोजगारी व महंगाई आदि की गहरी मार झेल रहे छात्रों के प्रति सरकार का
रवैया क्रूर नहीं बल्कि सहयोग एवं सहानुभूति का होना चाहिए। मायावती
ने कहा कि सरकार खाली पड़े सभी बैकलाग पर जितनी जल्दी भर्ती की
प्रक्रिया पूरी करे, उतना बेहतर होगा।उन्होंने कहा कि लोगों को रोज़ी-रोज़गार
की सख्त जरूरत है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के पीसीएस
प्री और आरओ..एआरओ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के
विरोध में सोमवार को शुरू हुआ छात्र आंदोलन प्रयागराज में यूपीपीएससी
मुख्यालय के सामने आज दूसरे दिन भी जारी है। देर रात जिला मजिस्ट्रेट
और पुलिस आयुक्त ने आयोग में बैठक की, जो बेनतीजा रही। आंदोलनकर्मी
छात्रों ने रात खुले आसमान के नीचे गुजारी और मंगलवार की सुबह फिर से
धरना प्रदर्शन में जुट गए।जो छात्र छात्राएं रात में अपने घर चले गए थे, वे
मंगलवार की सुबह आयोग के मुख्यालय के गेट पर पुन: एकत्रित हो गए
और आंदोलन शुरू कर दिया। प्रतियोगी छात्रों ने सोमवार सुबह से यहां
लोक सेवा आयोग के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। दिन ढलने के
साथ हजारों की संख्या में छात्रों ने मोबाइल फोन की टार्च जलाकर एकता दिखाई।