क्या शुरू हो गई सबसे बड़ी ट्रेड वॉर

 

क्या शुरू हो गई सबसे बड़ी ट्रेड वॉर
क्या शुरू हो गई सबसे बड़ी ट्रेड वॉर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत सहित प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक टैरिफ की

घोषणा कर दी है। ट्रंप ने 2 अप्रैल को मुक्ति दिवस ​​​कहते हुए इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण

दिनों में से एक बताया। व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका को दशकों से

अपने व्यापारिक साझेदारों द्वारा लूटा, गया था। उन्होंने अमेरिकी वस्तुओं पर विदेशी शुल्कों से मेल खाते

रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रंप ने एक चार्ट दिखाया जिसमें बताया गया था कि अमेरिका किस

देश पर कितना टैरिफ लगाएगा, यह इस बात पर आधारित होगा कि उन्होंने अमेरिका पर कितना टैरिफ लगाया

है। ट्रंप ने कहा कि हम उनसे लगभग आधा टैरिफ लगाएंगे, जो वे हमसे वसूल रहे हैं, इसलिए टैरिफ पूरी तरह से

रेसिप्रोकल नहीं होंगे। आयरलैंड: आयरिश प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने इस निर्णय को बेहद खेदजनक और

अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच प्रतिदिन 4.2 बिलियन यूरो से अधिक मूल्य

की वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार होता है। इस गहन एकीकृत संबंध को बाधित करने से किसी को कोई लाभ नहीं

होगा।ब्रिटेन: ब्रिटेन की सरकार ने कहा कि अमेरिका ब्रिटेन का सबसे करीबी सहयोगी बना हुआ है। व्यापार मंत्री

जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा कि ब्रिटेन को उम्मीद है कि वो ट्रंप द्वारा घोषित ब्रिटिश वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क

के प्रभाव को कम करने के लिए एक व्यापार समझौता कर लेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी ट्रेड वॉर नहीं चाहता और

हमारा इरादा समझौता सुनिश्चित करना है। 

क्या शुरू हो गई सबसे बड़ी ट्रेड वॉर

 

इटली: प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईयू के विरुद्ध नए 20 प्रतिशत टैरिफ को गलत बताते हुए कहा कि इससे

किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होगा। मेलोनी ने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा कि हम अमेरिका के साथ एक समझौते

की दिशा में काम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, जिसका उद्देश्य एक व्यापार युद्ध से बचना है।स्पेन: स्पेन

के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने वैश्विक व्यापार के प्रति अपने देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए स्पेन के व्यवसायों

और श्रमिकों की सुरक्षा करने की कसम खाई। ब्राजील: ब्राजीलियन सरकार ने कहा कि वह इस मामले को विश्व व्यापार

संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ले जाने पर विचार कर रही है। बाद में ब्राजील की कांग्रेस ने सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित

किया, जो ब्राजील की सरकार को देश के सामान पर शुल्क लगाने वाले किसी भी देश या व्यापार समूह के खिलाफ जवाबी

कार्रवाई करने की अनुमति देता है। अमेरिका को सबसे बड़े निर्यातकों में से एक एशियाई देशों ने प्रभावित होने वाले वाहन

निर्माताओं एवं अन्य व्यवसायों का समर्थन करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का संकल्प जताया।रोपीय संसद: यूरोपीय

पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) के अध्यक्ष मैनफ्रेड वेबर ने ट्रंप के इस कदम की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमारे अमेरिकी

मित्रों के लिए, आज मुक्ति दिवस नहीं है – यह आक्रोश दिवस है।

 

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