दूसरे चरण के लिए 88 सीटों पर प्रचार अभियान थमा

दूसरे चरण के लिए 88 सीटों पर प्रचार अभियान थमा
दूसरे चरण के लिए 88 सीटों पर प्रचार अभियान थमा

नई दिल्ली। दूसरे चरण के लिए 13 राज्यों की 88 सीटों पर 26 अप्रैल को होने

वाले लोकसभा चुनाव का प्रचार अभियान बुधवार शाम थम गया। इस चरण में

केरल में 20, कर्नाटक में 14, राजस्थान में 13, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में

आठ-आठ, मध्य प्रदेश में छह, असम और बिहार में पांच-पांच, बंगाल और

छत्तीसगढ़ में तीन-तीन और मणिपुर, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर में एक-एक सीटों

पर मतदान होगा।दूसरे चरण के लिए 13 राज्यों की 88 सीटों पर 26 अप्रैल को

होने वाले लोकसभा चुनाव का प्रचार अभियान बुधवार शाम थम गया। इस चरण

में केरल में 20 कर्नाटक में 14 राजस्थान में 13 उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में

आठ-आठ मध्य प्रदेश में छह असम और बिहार में पांच-पांच बंगाल और

छत्तीसगढ़ में तीन-तीन और मणिपुर त्रिपुरा जम्मू-कश्मीर में एक-एक

सीटों पर मतदान होगा।

इस चरण में मध्य प्रदेश की सात सीटों पर चुनाव होना था

इस चरण में मध्य प्रदेश की सात सीटों पर चुनाव होना था, लेकिन बैतूल सीट

पर प्रत्याशी के निधन के बाद चुनाव टल गया। अब वहां अगले चरण में चुनाव

होगा। इस चरण में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर तिरुअनंतपुरम, भाजपा के

तेजस्वी सूर्या कर्नाटक, हेमा मालिनी और अरुण गोविल उत्तर प्रदेश से, कांग्रेस

नेता राहुल गांधी वायनाड और शशि थरूर तिरुअनंतपुरम, कर्नाटक के उप

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री

एचडी कुमारस्वामी के भाग्य का फैसला होगा।

दूसरे चरण के लिए 88 सीटों पर प्रचार अभियान थमा

सात चरण में हो रहे चुनाव के पहले चरण में पिछले शुक्रवार को 21 राज्यों व केंद्र

शासित प्रदेशों की 102 सीट पर लगभग 65.5 प्रतिशत मतदान हुआ था।चुनाव

प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में एक रैली

को संबोधित करते हुए कांग्रेस के घोषणापत्र की आलोचना की थी। इससे देश का

चुनावी माहौल अब काफी गर्म हो गया है।उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल

लोगों की मेहनत की कमाई और कीमती सामान घुसपैठियों और जिनके अधिक

बच्चे हैं को देने की योजना बना रही है। ये बातें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन

सिंह के भाषण का हवाला देते हुए कही थी। कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा

था कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण में निराशा का सामना करने के बाद प्रधानमंत्री

लोगों को वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »