
सुप्रीम कोर्ट ने नवाब मलिक की जमानत छह महीने बढ़ाई
शीर्ष अदालत ने पहले कहा था कि मलिक किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं
और पिछले साल 11 अगस्त को दो महीने के लिए अंतरिम
जमानत मिलने के बाद से उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
ईडी ने कथित तौर पर भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से
जुड़े मामले में मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया था। मलिक ने यह दावा करते हुए उच्च
न्यायालय से राहत मांगी थी कि वह कई अन्य बीमारियों के अलावा क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित हैं।
उन्होंने योग्यता के आधार पर जमानत की भी मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने नवाब मलिक की जमानत छह महीने बढ़ाई
उच्च न्यायालय ने कहा था कि वह दो सप्ताह के बाद योग्यता के आधार पर जमानत की मांग करने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा।
मलिक के खिलाफ ईडी का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा एक नामित वैश्विक आतंकवादी
और 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोटों के मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम
और उसके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम)
अधिनियम के तहत दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है।
मलिक को चिकित्सा आधार पर दी गई जमानत की अवधि बढ़ा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
(राकांपा) के नेता नवाब मलिक की अंतरिम जमानत छह महीने के लिए बढ़ा दी है।
ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलीसिटर जनरल एसवी राजू की ओर से मलिक की
याचिका का विरोध नहीं किया गया। इसके बाद जज जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस पंकज
मिथल की पीठ ने मलिक को चिकित्सा आधार पर दी गई जमानत की अवधि बढ़ा दी।