जबकि बालीवुड ने ये बता रखा है कि पठान का बच्चा शेर का बच्चा होती
जैसे कि मैं होता: पठान बोलते हैं मैं होती|
पठान कायर होती जबकि बालीवुड ने ये बता रखा है कि पठान का बच्चा शेर का बच्चा होती
अबे जब वह खुद ही खुद को होता की जगह होती बोल रहा है तो घण्टे का शेर होती वह
अब असलियत सुनो, मतलब पढ़ो
मैंने बचपन में ही सुन ली थी अब तुम भी ज्ञान प्राप्त करो
पठान क्यों होता को होती बोलते हैं इतिहास के कुछ पन्ने
पठानी सूट का इतिहास ये है कि हिन्दू योद्धा हरि सिंह नलवा के
पास कुछ हिन्दू लोग आए रोते हुए कि हमारी महिलाओ को पठान उठा ले गए
हरिसिंह नलवा ने पठानो का संहार आरम्भ किया तो पठान त्राहि त्राहि करने लगे
किसी ने पठानो से कहा कि हिन्दू राजा महिलाओ पर शस्त्र नहीं उठाते
तब इन्होंने अपनी महिलाओं के वस्त्र पहनने आरम्भ किए और महाराज हरि सिंह से जान बचाई
तब से पठानी सूट चलन में आया और पठान होता से होती हो गया
पठान एक मुसलमान क़ौम है, जो पश्तून वंश से ताल्लुक़ रखते हैं
और अफग़ानिस्तान से भारत आए हैं या यहां से आए लोगों के वंशज हैं.
आम लफ्ज़ों में पठान, अफग़ानों का पर्याय हैं. अफग़ानिस्तान से
आए लोगों के लिए पठान लफ्ज़ का इस्तेमाल किया जाता है. ये
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी इलाक़ों में रहने वाले लोगों की क़ौम है.
ये लोग पश्तो या फ़ारसी भाषा बोलते हैं. हालांकि ये लोग अपने आपको तुर्क भी बताते हैं.
पठान क्यों होता को होती बोलते हैं इतिहास के कुछ पन्ने
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इतिहास के प्रोफेसर सैयद अली
नदीम रज़वी ने बताया कि पठान दरअसल, पट्ठों से निकला लफ्ज़ है.
बहादुरों के लिए पट्ठों लफ्ज़ का इस्तेमाल किया जाता है.
इसी से पठान लफ्ज़ की शुरुआत हुई.
ये आमतौर पर साफ और सुर्ख़ रंग के बड़े क़द-काठी के लोग होते हैं.
