
नई दिल्ली। भारत में पूर्ववर्ती पुर्तगाली क्षेत्रों (गोवा और दमन और दीव) के उन लोगों
को भारत सरकार ने राहत दी है जिनके भारतीय पासपोर्ट पुर्तगाली नागरिकता लेने के
बाद रद्द कर दिए गए थे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिकारियों निर्देश दिया है कि उन
लोगों को ‘निरसन आदेश’ जारी करें जिनके भारतीय पासपोर्ट रद्द किए गए हैं।भारत में
पूर्ववर्ती पुर्तगाली क्षेत्रों (गोवा और दमन और दीव) के उन लोगों को भारत सरकार ने
राहत दी है जिनके भारतीय पासपोर्ट पुर्तगाली नागरिकता लेने के बाद रद्द कर दिए गए
थे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिकारियों निर्देश दिया है कि उन लोगों को निरसन
आदेश जारी करें जिनके भारतीय पासपोर्ट रद्द किए गए हैं। यह निर्णय कई लोगों को
राहत दे सकता है। यह निर्णय उन कई लोगों को राहत दे सकता है जो नियमों के अनुसार
ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (ओसीआई) के लिए आवेदन करने के अयोग्य हो
गए थे। ओसीआई कार्ड भारत सरकार द्वारा भारतवंशी लोगों को जारी किया जाता है जो
विदेशी नागरिक हैं। ओसीआई भारतवंशी विदेशी नागरिकों को अनिश्चित काल तक
भारत में रहने और काम करने का अधिकार देता है।
अनिवार्य रूप से निरसन आदेश जारी करने की सलाह
विदेश मंत्रालय के चार अप्रैल के ज्ञापन में कहा गया है, गृह मंत्रालय ने भारत में
पूर्ववर्ती पुर्तगाली क्षेत्रों के उन लोगों के मामले में ‘सरेंडर सर्टिफिकेट’ के बदले
‘निरसन प्रमाणपत्र’ को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने का निर्णय
लिया है जिन्होंने पुर्तगाली नागरिकता ले ली है। ऐसे सभी मामलों में अनिवार्य
रूप से निरसन आदेश जारी करने की सलाह दी जाती है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पीएम मोदी का धन्यवाद दिया
इस फैसले के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हजारों गोवा नागरिकों को
राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश
मंत्री एस. जयशंकर को एक्स पर पोस्ट कर धन्यवाद दिया।
पुर्तगाली नागरिकता वाले गोवावासियों को राहत
पुर्तगाली कानून के तहत 19 दिसंबर 1961 से पहले गोवा में पैदा हुए व्यक्तियों और
उसके बाद की दो पीढ़ियों के पास पुर्तगाली नागरिक के रूप में पंजीकरण करने का
विकल्प है। पुर्तगाली पासपोर्ट के साथ यूरोपीय संघ, ब्रिटेन में वीजा-मुक्त प्रवेश मिलता है।
इस कारण कई गोवावासियों ने विदेश में बेहतर रोजगार और शिक्षा की संभावनाओं के
लिए इस अवसर का लाभ उठाया है।