
बिना सर्जरी के भी चेहरे की त्वचा रहेगी टाइट
स्किन की गहरी परतों में एनर्जी पहुंचाकर यह ट्रीटमेंट किया जाता है। बता दें कि यह ट्रीटमेंट कोलेजन
के प्रोडक्शन और इलास्टिन को बढ़ाता है। वहीं थर्मेज का इस्तेमाल सैगिंग को कम करने और
स्किन टेक्स्चर को सही करने के लिए किया जाता है।यह ट्रीटमेंट उन लोगों के लिए अच्छा माना
जाता है, जो बिना किसी सर्जरी के अपनी स्किन को टाइट करना चाहते हैं।फ्रैक्शनल लेजर
थेरेपी भी कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जिससे स्किन टाइट होती है। इसमें CO2 और
एर्बियम लेजर काफी पॉपुलर हैं। यह दोनों स्किन को टाइट रखने के अलावा अपियरेंस को
भी ठीक करने में मदद करते हैं।माइक्रोनीडलिंग में स्किन में छोटे-छोटे नीडल्स से
माइक्रो-इंजरी की जाती है। इस प्रक्रिया से कोलेजन और इलास्टिन प्रोडक्शन बढ़ता है,
जिसकी वजह से आपकी स्किन टाइट और स्मूद होती है। इसके साथ ही यह प्रोसेस
सीरम के अवशोषण को बढ़ाता है और उसको अधिक प्रभावी बनाता है।केमिकल पील
त्वचा की बाहरी परत को एक्सफोलिएट करने के साथ टेक्चर में सुधार करता है, जिससे
त्वचा टाइट होता है। इसमें लाइट पील से लेकर डीप पील तक का ऑप्शन उपलब्ध होता
है। जहां लाइट पील स्किन को रिफ्रेश करता है, तो वहीं डीप पील स्किन की गहरी परतों
पर बेहतर तरीके से काम करता है।यह आमतौर पर फैट को कम करता है। इसका ब्रांड
नाम कूलस्कल्प्टिंग है। क्रायोलिपोलिसिस ट्रीटेड एरिया में स्किन को टाइट करता है।
साथ ही प्रोसिजर फैट सेल्स को ठंडा करता है और फैट कम करके त्वचा को टाइट बनाता
है।अगर आप अपने फेस पर दुनियाभर का ट्रीटमेंट नहीं करवाना चाहती हैं, तो आप स्किन
पर क्रीम और सीरम का यूज कर सकती हैं।