
प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्यों को आज ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग
मामले में गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने कहा कि अब्दुल खादर पुत्तूर, अंशद बदरुद्दीन और फिरोज के
पीएफआई के लिए फिजिकल ट्रेनर के रूप में काम कर रहे थे, उन्होंने कहा कि उन्हें धन शोधन
निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था।PFI Members Arrested
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को शनिवार को एक विशेष अदालत में पेश किया गया। एजेंसी ने तीनों लोगों पर
पीएफआई कैडर को हथियार प्रशिक्षण देने और इसके लिए प्रतिबंधित संगठन से पर्याप्त धन प्राप्त करने का
आरोप लगाया है। पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर सितंबर 2022
में केंद्र द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।
हथियार चलाने की दे रहे थे ट्रेनिंग
गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को यहां एक विशेष अदालत में पेश किया गया। एजेंसी ने तीनों लोगों
पर पीएफआई कैडर को हथियार प्रशिक्षण देने और इसके लिए प्रतिबंधित संगठन से पर्याप्त धन प्राप्त
करने का आरोप लगाया है।PFI Members Arrested गिरफ्तार तीनों आरोपियों को शनिवार को
एक विशेष अदालत में पेश किया गया। एजेंसी ने तीनों लोगों पर पीएफआई कैडर को हथियार
प्रशिक्षण देने और इसके लिए प्रतिबंधित संगठन से पर्याप्त धन प्राप्त करने का आरोप लगाया है।
पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर सितंबर 2022 में केंद्र
द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PFI पर ई़डी का एक्शन
पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर सितंबर 2022 में केंद्र
द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित
कर दिया गया था। पीएफआई का गठन 2006 में केरल में हुआ था, जिसका मुख्यालय दिल्ली में था।
एजेंसी ने तीनों लोगों पर पीएफआई कैडर को हथियार
प्रशिक्षण देने और इसके लिए प्रतिबंधित संगठन से पर्याप्त धन प्राप्त करने का आरोप लगाया है।
पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों के साथ कथित संबंधों को लेकर सितंबर 2022 में केंद्र
द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।