
पुजारा ने इस दौरान कहा कि, टेस्ट टीम में चयन आईपीएल, टी20 और वनडे क्रिकेट में प्रदर्शन से होता है।
रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने से काफी कम खिलाड़ियों का चयन होता है।
जिस कारण नए दौर के खिलाड़ी अटैकिंग क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
हाल ही में टीम इंडिया के अनुभवी खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट
के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की।
पुजारा ने नंबर-3 पर टीम इंडिया को लंबे समय तक सेवाएं दी।
इस दौरान वह टीम इंडिया के लिए कई बार संकटमोचन बने।
उन्होंने राहुल द्रविड़ के बाद टीम इंडिया के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया
जिस कारण उन्हें टीम इंडिया की दीवार कहा जाने लगा।
हालांकि, लंबे समय तक उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिला
लेकिन नंबर-3 अभी भी अस्थिर है। कई खिलाड़ियों को आजमाया गया है।
रणजी नहीं आईपीएल… भारतीय टेस्ट टीम के चयन को लेकर ये क्या कह गए चेतेश्वर पुजारा
वह इस नंबर पर अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं।
वहीं चेतेश्वर पुजारा ने संन्यास के बाद अपनी दिल की बात कही।
इस दौरान उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस के जरिए भारतीय टेस्ट टीम में चयन को लेकर
कड़वी सच्चाई उजागर की। पुजारा ने इस दौरान कहा कि,
टेस्ट टीम में चयन आईपीएल, टी20 और वनडे क्रिकेट में प्रदर्शन से होता है।
रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने से काफी कम खिलाड़ियों का चयन होता है।
जिस कारण नए दौर के खिलाड़ी अटैकिंग क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
साथ ही पुजारा ने कहा कि, मुझे लगता है कि ज्यादातर खिलाड़ियों को टेस्ट मैचों के लिए
टी20, आईपीएल या वनडे में उनके प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है।
बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें रणजी मैचों में उनके प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है।
यहां तक कि, गेंदबाज भी सफेद गेंद वाले सर्किट से टेस्ट मैचों में आ रहे हैं।
यही कारण है कि मुझे लगता है कि आधुनिक युग के बल्लेबाजों की ताकत
आक्रामक क्रिकेट खेलना है।
वे जरूरत पड़ने पर गेंद को डिफेंडकरने या छोड़ने की कला सीख रहे हैं।