
राहुल गांधी और प्रियंका की जीत के पीछे कट्टरपंथी संगठन
कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि वे घोर सांप्रदायिकता फैला रहे हैं। यह मत भूलो कि यह केरल है। यदि आप
सांप्रदायिकता फैलाते हैं तो आपको विपरीत परिणाम मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विजयराघवन
ऐसे बयान देकर वायनाड के मतदाताओं को खारिज कर रहे हैं। पिछले हफ्ते वायनाड के बाथरी में
सीपीआई (एम) पार्टी सम्मेलन में पोलित ब्यूरो सदस्य ए विजयराघवन ने कहा कि प्रियंका गांधी
की रैलियों में चरमपंथी तत्व मौजूद थे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
वायनाड से अल्पसंख्यक सांप्रदायिक ताकतों के सबसे चरम तत्वों के समर्थन से जीते। उन्होंने पूछा
कि क्या राहुल गांधी को मुस्लिम सांप्रदायिक गठबंधन के मजबूत समर्थन के बिना चुना जा सकता
था।इससे पहले, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की थीं और कहा
था कि प्रियंका गांधी जमात-ए-इस्लामी के समर्थन से चुनाव लड़ रही हैं। अब वायनाड से दो लोग
जीते, नहीं? राहुल गांधी जीत गए, है ना? वह किसके सहारे दिल्ली पहुंचे? क्या मुस्लिम सांप्रदायिक
गठबंधन के मजबूत समर्थन के बिना उन्हें चुना जाएगा? विजयराघवन ने कहा वे अल्पसंख्यक
सांप्रदायिक ताकतों के सबसे उग्र तत्व थे। वे और कांग्रेस यहां केंद्रीय नेतृत्व हैं।