लखीमपुर खीरी दो बहनों की हत्या का मामला

पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने बताया

दुष्कर्म के बाद घटना को कुल 6 लोगों ने अंजाम दिया नामजद छोटू सहित छह अभियुक्त गिरफ्तार

एक अभियुक्त जुनेद की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी जुनैद के पैर में लगी गोली

सभी पांच अभियुक्त लालपुर गांव के लालपुर गांव आरोपी परिवार से मात्र 5 किलोमीटर दूर

पोस्टमार्टम जारी अगली विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम के बाद दी जाएगी

लखीमपुर खीरी दो बहनों की हत्या का मामला

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में एक दलित परिवार की

दो सगी नाबालिग बहनों के शव पेड़ से लटके मिलने से सनसनी फैल गई.

पुलिस ने इस मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है

और कहा है कि लड़कियों को जबरन ले जाने या अपहरण के आरोप ग़लत हैं.

गुस्साए ग्रामीणों ने अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की

मांग को लेकर सड़क पर कई घंटों तक जाम लगाए रखा.

क़ानून व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए

इस ख़बर के सामने आने के बाद सियासी दलों ने उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था

को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं.

पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव, मायावती और

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे सरकार की विफलता बताया है.

लखीमपुर खीरी ज़िला किसान आंदोलन के दौरान भी चर्चा रहा था,

लखीमपुर खीरी दो बहनों की हत्या का मामला

तब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे पर

प्रदर्शनकारी किसानों पर जीप चढ़ा देने के आरोप लगे थे.

इस घटना में चार किसानों की मौत हो गई थी.

लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “

अभियुक्त दोनों सगी बहनों को जबरन नहीं ले गए. मुख्य अभियुक्त

लड़का इन लड़कियों के घर के पास रहता था. लड़कियों को

बरगलाकर खेत में ले जाया गया. मुख्य अभियुक्त ने ही

दूसरे तीन लड़कों से ही इन दो लड़कियों की दोस्ती कराई थी.

इन चार के अलावा दो अन्य को साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.”

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