भाजपा के शाहनवाज ने, 2020 में मजबूत किया अल्पसंख्यक मंत्री
वक्फ बोर्ड में भी खुलासे शुरू हो गए हैं , बनाया कांग्रेस ने सहयोग दिया
भाजपा के शाहनवाज ने, 2020 में मजबूत किया अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार
अब्बास नकवी ने ,,, जब भेद खुलने लगें तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया,
आखिर वे वक्फ के सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर सामने आ रहे थे।
2018 में मुख्तार अब्बास नकवी के अल्पसंख्यक एवं वक्फ मंत्रालय ने
4 राज्यों की वक़्फ़ संपत्तियों के सर्वे का काम
AMU को दिया, कमेटी बनी… कमेटी के हेड थे प्रोफेसर खुर्शीद !
वक्फ बोर्ड में भी खुलासे शुरू हो गए हैं
यूपी,-उत्तराखण्ड + 2 राज्यों का सर्वे 4 साल तक चला…
AMU की इस कमेटी ने 4 साल तक मौज की, करोड़ो रु खर्च हुआ
और निष्कर्ष निकाला कि वक्फ की 50% संपत्तियों पर अभी भी क़ब्ज़े हैं….
इसका मतलब यह हुआ कि वक्फ के पास आठ लाख एकड़ जमीन पर कब्ज़ा तो है ही
… और इतनी ही भूमि (आठ लाख एकड़ भूमि) पर कब्ज़ा लेना शेष है !
अर्थात् वक्फ 16 लाख एकड़ भूमि का असली स्वामी है !
यूपी सरकार के हाथों के तोते उड़ गए
यूपी के हर शहर में हज़ारों नई वक्फ सम्पत्तियाँ ढूँढ़ लीं इस कमेटी ने !
अलीगढ़ शहर में दिलीप दुबे, वकील बताते हैं कि सर्वे कमेटी ने गज़ब ही कर दिया !
उत्तराखण्ड में हरिद्वार, मसूरी, देहरादून और नैनीताल की
हज़ारों एकड़ भूमि को वक़्फ़ भूमि घोषित करने की कबायद शुरू हो गई !
वक्फबोर्डों की कारगुजारियों पर मेरी पहली पोस्ट लगभग 4 वर्ष पूर्व लिखी गई थी !
इसके बाद भी मेरी पोस्टें इस विषय पर आती रहीं ! मुख्तार अब्बास नकवी क्यों गए?
आप अंदाजा लगा सकते हैं, मग़र तब तक वह अपना काम कर चुके थे !
बहरहाल वक़्फ़ का मामला इतना बड़ा है, जो लोगों को समझ नहीं आएगा…
1947 को वक़्फ़ के माध्यम से दोहराने की कोशिश हो रही है !
यूपी की योगी सरकार ने वक़्फ़ और मदरसों का सर्वे क्यों प्रारम्भ किया…. समझा जा सकता है.