
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख का बयान, कहा- बस अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया
19 वर्षीय दिव्या ने दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन 38 वर्षीय हम्पी को दो क्लासिकल
दौर के ड्रॉ रहने के बाद समय-नियंत्रित टाई-ब्रेक में हराया।
यह दिव्या के करियर की सबसे बड़ी सफलता रही।
दिव्या से जब पूछा गया कि क्या वह फाइनल में दबाव में थीं तो उन्होंने ‘पीटीआई वीडियोज
से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगा कि मैं मुश्किल में थी।
मुझे लगता है कि उन्होंने (हम्पी) जो आखिरी गलती की, उसी ने मुझे जीत दिलाई।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही थी।
मैं किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रही थी।
दिव्या ने इस प्रतियोगिता में एक छुपीरूस्तम के तौर पर प्रवेश किया था
और उनका लक्ष्य ग्रैंडमास्टर नॉर्म जीतने का था और आखिरकार वह ग्रैंडमास्टर बन गईं।
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख ने कहा है कि हमवतन कोनेरू
हम्पी के खिलाफ फिडे महिला विश्वकप फाइनल खेलते समय उन पर किसी भी तरह।