
शिंदे सरकार की प्रचलित मुख्यमंत्री लड़की बहिन योजना
शिंदे सरकार की लड़की बहिन स्कीम के जरिए महायुति गठबंधन की सरकार ने
महिलाओं को आत्मसम्मान दिलाया है। अपने हक का पैसा मिलने से महिलाओं
का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए इस स्कीम के
जरिए प्रदेश में रोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।महाराष्ट्र
सरकार की लोकप्रिय योजनाओं को लेकर विपक्ष लगातार आलोचना करता रहा
है। प्रदेश की बहिन स्कीम को बंद कराने के भी प्रयास किए गए। इसके लिए
विरोधी कोर्ट भी गए। लाभार्थियों को लाभ ना मिल सके इसके लिए महिलाओं
के गलत फॉर्म तक भरे गए। विरोधियों ने लड़की बहन योजना के पोर्टल पर
जंक डेटा अपलोड किया और उस पोर्टल को बंद करने की भी कोशिश की। गृह
मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया है। विरोधियों के
इतने प्रयासों के बावजूद महायुती ने इस योजना को दृढ़ता से लागू किया।इस
स्कीम को लेकर सोशल मीडिया के जरिए भी षड्यंत्र रचने का कुत्सित प्रयास
किया गया। कुछ लोगों ने कथित रूप से दावा किया कि योजना के जरिए चुनिंदा
लाभार्थियों को चयन किया जा कहा है। आरोप लगाया गया कि महायुति सरकार
सिर्फ अपने वोटरों को ही ये लाभ दे रही है। जबकि इस तरह की भ्रामक दावों से
जनता को पर कोई असर नहीं पड़ा। सरकार की ओर दावा किया गया कि स्कीम
को पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ लागू किया गया है। पात्रों के चयन के
पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।