
संभल हिंसा को लेकर अखिलेश का आरोप
सपा नेता ने आगे कहा कि कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’
देखने के बाद उन्हें लगा कि वे भी बड़े नेता बनना चाहते हैं और इसीलिए ये सब किया गया।
उन्होंने कहा कि हमारे सांसद संभल में थे ही नहीं, इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर
दर्ज कर दी गई। यह सरकार द्वारा किया गया दंगा है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी सांसद
और सभी विपक्षी दलों के लोग इस सवाल को संसद में उठाना चाहते थे लेकिन जब भी हमें
समय मिलेगा हम इस मुद्दे को उठाएंगे।’ हमारा प्रतिनिधिमंडल संभल भी जाएगा और
पीड़ितों से मुलाकात करेगा। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क की भी
प्रतिक्रिया आई है। बर्क ने कहा कि संभल में पुलिस प्रशासन ने जो घटना को अंजाम दिया
है, उसने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है और प्रदेश व देश की छवि को धूमिल
किया है। कल संभल तो क्या, मैं प्रदेश में भी नहीं था, मैं बेंगलुरु गया था इंडिया मुस्लिम
पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में शामिल हुए, लेकिन मेरे खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया
गया। यह पुलिस प्रशासन की साजिश है। उन्होंने कहा कि जब जनता को पता ही नहीं
चलेगा कि आप सर्वे करने आ रहे हैं तो वे क्या साजिश करेंगे? साजिश के तहत उन्होंने
हथियारों का इस्तेमाल किया है, उन्होंने हमारे 5 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है, कई
लोग घायल हैं, एक झूठा मामला दर्ज किया गया है। मैं चाहता हूं कि इन अधिकारियों के
खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।