
मिर्जापुर, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंडचूड ने शनिवार को
विंध्याचल में विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर पूजन किया।
सीजेआई की यह धार्मिक यात्रा थी। उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजन कर लघु त्रिकोण परिक्रमा पूरी की।
मुख्य न्यायाधीश के सारे धार्मिक अनुष्ठान को स्थानीय भाजपा विधायक एवं मंदिर के पुरोहित
रत्नाकर मिश्र के भतीजे धीरज मिश्र एवं उनकी टीम के पंडितों द्वारा सम्पन्न कराया गया। इस
दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।सीजेआई के यहां आने से पहले सारी तैयारियां पूरी
कर ली गई थी। माला फूल एवं हवन, अन्य पूजन सामग्री आदि के सारे इंतजाम कर लिए गए थे।
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने किये मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ लखनऊ से विंध्य पर्वत पर स्थित हैलीपेड पर लैंड करने पर कमिश्नर मुथु
स्वामी एवं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन जिला जज अनमोल पाल सहित सारे प्रशासनिक
अमले एवं न्यायाधीश ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक आर पी
सिंह एवं जिला पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के नेतृत्व में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों का
दल चप्पे-चप्पे पर तैनात था। यज्ञशाला में साकला डाल कर हवन कार्य पूरा किए तथा लघु
त्रिकोण परिक्रमा पूरी की। मां विंध्यवासिनी देवी परिसर में निर्माणाधीन कोरिडोर का
अवलोकन किया और सुंदर प्रयासों की सराहना भी की। सीजेआई के दर्शन पूजन के दौरान
मंदिर परिसर को आम दर्शनार्थियों से खाली करा लिया गया था। दर्शन पूजन के समय
आम आदमियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर था। पुरोहित पंडितों ने उच्च स्वर में मंत्रों का
उच्चारण कर पूरे विधि-विधान से पूजन अनुष्ठान संपन्न कराया। सीजेआई ने आम
यजमानों की तरह पूरे रीति रिवाज से धार्मिक अनुष्ठान को पूरा किया। उन्होंने यज्ञशाला
में साकला डाल कर हवन कार्य पूरा किए तथा लघु त्रिकोण परिक्रमा पूरी की।
मां विंध्यवासिनी देवी परिसर में निर्माणाधीन कोरिडोर का अवलोकन किया
और सुंदर प्रयासों की सराहना भी की।