आरटीआई से युट्यूब चैनल संचालकों का हुआ भंडाफोड़
पानीपत 18 अगस्त y
सैंकड़ों युट्यूबसरकारी मंज़ूरी अवैध रूप से सक्रिय
आरटीआई लगी तो पांच सात क्लास पढ़े और हाथ में माइक
व मोबाईल उठा कर खुद को पत्रकार , जर्नलिस्ट बताने वाले
सभी युट्यूब चैनल संचालक सरकारी रिकॉर्ड में फ़र्ज़ी पत्रकार निकले ।
सोशल मीडिया संचालक बिना सरकारी मंज़ूरी अवैध रूप से सक्रिय
आरटीआई से यह खुलासा करते हुए आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने
यू ट्यूब चैनल संचालकों पर बैन लगाने की मांग की है । कपूर ने यह खुलासा करते हुए बताया
कि उन्होंने जिला सूचना एवं लोक सम्पर्क अधिकारी ने अपने 16 अगस्त
के पत्र द्वारा उन्हें आरटीआई में सूचित किया है कि सरकार ने किसी
यू ट्यूब चैनल संचालक को कोई मान्यता नहीं दे रखी है
कपूर ने बताया कि पांच सात क्लास पढ़े लोग हाथ में मोबाईल व माईक उठा
कर फ़र्ज़ी पत्रकार बन कर धंधा कर रहे हैं । ये खुद को जर्नलिस्ट
व पत्रकार बताते हैं ।लाखों रुपये के विज्ञापन चला कर टैक्स चोरी कर रहे हैं ।
इनको पत्रकारिता का कोई ज्ञान नहीं, जो मन में आता है बोल
कर लोगों का चरित्र हनन करते हैं व नाजायज़ तंग करते हैं ।
मारेंगो डी, फैब्रिस एमए, लोंगोबार्डी सी, सेत्नी एम. COVID-19
महामारी के दौरान इतालवी किशोरों में सोशल मीडिया की
लत के प्रति व्यक्तिगत प्रवृत्ति में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का उपयोग योगदान देता है
सोशल मीडिया संचालक बिना सरकारी मंज़ूरी अवैध रूप से सक्रिय
झोला छाप डाक्टरों की तरह ये फ़र्ज़ी पत्रकार भी समाज के लिए खतरनाक हैं ।
इन फ़र्ज़ी पत्रकारों पर बैन लगवाने के लिए कपूर ने प्रदेश सरकार
को सबूतों सहित शिकायत भी कर रखी है ।कपूर ने बताया
कि पानीपत के सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने तो इन फ़र्ज़ी
पत्रकारों से परेशान होकर पिछले दिनों डीसी को लिखित शिकायत भी दी थी ।
जिस पर डी सी सुशील सारवान ने इन फ़र्ज़ी पत्रकारों
की जिला मीडिया सेंटर में एंट्री पर रोक लगवा दी थी।
