समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रूद्रसेन के विरोध के स्वर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
की एक फोन काल पर नरम पड़ गए। उनके बुलाने पर पार्टी के विधायक व नेताओं के साथ विशेष विमान
से वार्ता के लिए लखनऊ पहुंचे।Saharanpur News In Hindi उपेक्षा से नाराज चल रहे राष्टीय
महासचिव ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। उन्होंने समर्थकों की पंचायत भी बुलायी थी।
जिसके बाद पार्टी में विवाद की बातें सपा मुखिया तक पहुंची। बताया कि स्वर्गीय चौधरी यशपाल
सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहे सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रूद्रसेन और उनके छोटे
भाई को अखिलेश ने पद देने की बात की थी। बता दे उपेक्षा से नाराज चल रहे हैं स्वर्गीय चौधरी
यशपाल सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहे सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रूद्रसेन और
उनके छोटे भाई पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चौधरी इंद्रसेन के विरोध के स्वर उस समय तेज
हो गए थे जब वायदे के अनुसार उनको न तो कैराना लोकसभा का टिकट दिया गया और न ही उन्हें
विधान परिषद का सदस्य बनाया गया जिससे नाराज होकर उन्होंने अपने समर्थनों की पंचायत
में पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था।
अखिलेश के एक फोन कॉल ने किया ऑल इज वेल
पंचायत में समर्थकों की भारी भीड़ और उनके बगावती तेवर देख अन्य राजनीतिक दलों के
नेताओं ने भी उन्हें पार्टी में शामिल कराने के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसी
बीच दो दिन पूर्व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों से फोन पर बात कर उन्हें
अपने परिवार का सदस्य बताते हुए पार्टी न छोड़ने को कहा, साथ ही बुधवार को अपने आवास
पर मिलने के लिए बुलाया, जिस पर उनके भी तेवर नरम पड़ गए और विशेष विमान द्वारा
पार्टी विधायक आशु मलिक, चौधरी इंद्रसेन और परीक्षित चौधरी के साथ लखनऊ पहुंचे।
माना जाता है सपा महासचिव रूद्रसेन व उनके समर्थक समाजवादी पार्टी में ही रहेंगे।
