
वकील के मुताबिक कोर्ट लंबित मामलों की क्रमानुसार मामले की सुनवाई करेगा. उन्होंने कहा कि
सुनवाई अगले सप्ताह होने की उम्मीद है और उच्च न्यायालय केवल रविवार और सोमवार को
मामलों की सुनवाई करता है। इस्कॉन के पूर्व नेता दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन, चट्टोग्राम की एक अदालत ने
उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया क्योंकि उन पर कथित तौर पर
अपमान करने के लिए राजद्रोह का आरोप लगाया गया था।बांग्लादेश की एक अदालत बांग्लादेश
सम्मिलिट सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता और इस्कॉन के पूर्व सदस्य चिन्मय कृष्ण दास की
जमानत याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई कर सकती है। एक वकील ने सोमवार को कहा कि
उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप में राजद्रोह मामले में उच्च न्यायालय
में जमानत के लिए आवेदन किया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उनके वकील
ने कहा कि हमने चिन्मय की जमानत के लिए 12 जनवरी को हाई कोर्ट में आवेदन किया है।
उन्होंने कहा कि हमने सोमवार (आज) को सुनवाई के लिए अदालत को सूचित किया है।
अगले हफ्ते हो सकती है चिन्मय दास की जमानत पर सुनवाई
वकील के मुताबिक कोर्ट लंबित मामलों की क्रमानुसार मामले की सुनवाई करेगा. उन्होंने कहा
कि सुनवाई अगले सप्ताह होने की उम्मीद है और उच्च न्यायालय केवल रविवार और सोमवार
को मामलों की सुनवाई करता है। इस्कॉन के पूर्व नेता दास को 25 नवंबर को ढाका के
हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन,
चट्टोग्राम की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज
दिया क्योंकि उन पर कथित तौर पर अपमान करने के लिए राजद्रोह का आरोप लगाया
गया था। उनकी गिरफ्तारी से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, उनके अनुयायियों ने ढाका और
अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया, जबकि चटोग्राम में विरोध हिंसक हो गया, जहां एक
वकील की मौत हो गई।