
नयी दिल्ली, 05 फरवरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि एक अच्छी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन
प्रणाली ही सुशासन का आधार है। उन्होंने यह विचार व्यक्त किया जब वह अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन
संस्थान में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए लेखा सेवाओं के प्रोबेशनरी अधिकारियों के सामने भाषण कर रही थीं।
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि सरकारी विभागों के लिए शासन
प्रणाली को नागरिक केंद्रित, कुशल और पारदर्शी बनाना जरूरी है। अधिकारियों के एक समूह को संबोधित
करते हुए मुर्मू ने कहा कि वे ऐसे समय में सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं जब देश डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
अच्छी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली ही सुशासन का आधार: राष्ट्रपति मुर्मू
प्रशिक्षु अधिकारी को संबोधित करते हुए:
इन प्रोबेशनरी अधिकारियों को भारतीय सिविल लेखा सेवा, भारतीय रक्षा
लेखा सेवा और भारतीय पीएंडटी (वित्त और लेखा) सेवा से चुना गया है, जो राष्ट्रपति से मिलने गए थे। राष्ट्रपति ने इन
अधिकारियों को सुशासन के महत्वपूर्ण स्तर पर उत्तरदाताओं के रूप में देखा और उनसे एक अच्छी सार्वजनिक वित्तीय
प्रबंधन प्रणाली के बढ़ावा के लिए आग्रह किया।
शिक्षा के महत्व पर जोर:
राष्ट्रपति ने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया और यह दिखाया कि वे
डिजिटल युग में शिक्षा के
माध्यम से सरकारी सेवकों को नवीनतम तकनीक का सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित
कर रही हैं। उन्होंने इन
प्रोबेशनरी अधिकारियों से सशक्त, पारदर्शी, और सबसे उच्च मानकों के साथ सार्वजनिक
वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों कानिर्माण करने का अनुरोध किया।
शासन में प्रौद्योगिकी का सही तरीके से उपयोग:
राष्ट्रपति ने बताया कि उनका कार्य न
केवल वित्तीय संसाधनों की उपयोगिता
को बढ़ावा देने में सीमित है, बल्कि नीतिगत परिवर्तनों के प्रभाव का विश्लेषण करना और
वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों सहित शासन
की विभिन्न प्रणालियों में संवर्धन के लिए सुधारों का प्रस्ताव रखना भी शामिल है।