
अदाणी और संभल मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
इस बीच, कांग्रेस और सपा के कई सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी करने
लगे। बिरला ने आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने
स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने भारतीय जनता
पार्टी के सदस्य अरुण गोविल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह पहली बार प्रश्नकाल
में प्रश्न पूछ रहे हैं, ऐसे में सदन की कार्यवाही चलने दी जाए। हालांकि, हंगामा नहीं
थमा और विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। दोपहर 12 बजे निचले सदन की
बैठक फिर शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात
सदन के पटल पर रखवाए। विपक्षी सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने
लगे। हालांकि, शोर-शराबे के कारण सदन की बैठक दिनभर के स्थगित कर दी गई।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज सोशल मीडिया पर अश्लील
सामग्री की जांच के लिए कानूनों के बारे में बात की। उन्होंने अपमानजनक सामग्री
की जांच के लिए कानूनों के संबंध में लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा
सदस्य अरुण गोविल द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। कांग्रेस और कुछ अन्य
विपक्षी दलों ने अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय
समिति (जेपीसी) के गठन की मांग को लेकर बुधवार को राज्यसभा में हंगामा किया,
जिसके कारण उच्च सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए
स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही सभापति जगदीप धनखड़
ने बताया कि उन्हें अदाणी, मणिपुर हिंसा, संभल हिंसा और दिल्ली में अपराध के बढ़ते
मामलों पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत कुल 18 नोटिस मिले हैं। उन्होंने सभी
नोटिस अस्वीकार कर दिए।