अपराधियों के हौसले बढ़ाती डिजिटल तकनीक

अपराधियों के हौसले बढ़ाती डिजिटल तकनीक
अपराधियों के हौसले बढ़ाती डिजिटल तकनीक
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन साल
में ही ठगी के नए अवतार से ठगी की राशि 20 गुणा बढ़ गई है।
2025 के शुरुआती दो महीनों में ही 17 हजार 718 से अधिक मामलों
में 210 करोड़ 21 लाख रु. से अधिक की ठगी हो चुकी है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए
20 लाख रु. की मांग पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर दो कथित अपराधियों को पकड़ा है।
मीडिया इन्फ्लुएंसर और उसकी कामेडियन पत्नी
को उनके अश्लील वीडिया वायरल करने की धमकी दी गई।

अपराधियों के हौसले बढ़ाती डिजिटल तकनीक

खैर यह तो इन्होंने हिम्मत दिखाकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी
अन्यथा देश दुनिया में इस तरह की धमकियां देकर डरा-धमकाकर वसूली करने
के अपराधों की बाढ़ से आ गई है। दरअसल डिजिटल तकनीक का अपराधियों
द्वारा अपराध में उपयोग आम होता जा रहा है।
डिजिटल तकनीक के कारण अपराधियों के बढ़ते हौसले की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है
कि पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय भनोट
ने एक महिला की निजी तस्वीरों को वाट्सएप पर सार्वजनिक करने
के मामलें में जमानत देने से इंकार करते हुए सख्त टिप्पणी की है।
न्यायमूर्ति भनोट ने 2023 में भी सोशल मीडिया में अश्लील वीडियो अपालोड के प्रकरण में गंभीर टिप्पणी की थी।
दरअसल डिजिटल क्रांति ने अपराध की दुनिया में भी बड़ी सेंध लगा ली है।
अपराधी विभिन्न माध्यमों से डिजिटल तकनीक का उपयोग कर गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
कम्प्यूटर, कम्प्यूटर नेटवर्क, डेटाबेस, डिजिटल डिवाइस, इंटरनेट आदि
के माध्यम से नित नए अपराध की तरीके अपना रहे हैं।

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