अब दिल्ली में पेट्रोल पंप पर लगे नंबर प्लेट रीडर कैमरे

अब दिल्ली में पेट्रोल पंप पर लगे नंबर प्लेट रीडर कैमरे
अब दिल्ली में पेट्रोल पंप पर लगे नंबर प्लेट रीडर कैमरे
दिल्ली ने आधिकारिक तौर पर 10 साल से ज़्यादा पुराने डीज़ल वाहनों और 15 साल से ज़्यादा पुराने पेट्रोल
वाहनों को ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे निगरानी तकनीक के ज़रिए लागू किया जा रहा है।
यह कदम वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयास का हिस्सा है। साल 2018 में उच्चतम
न्यायालय ने अपने फैसले में दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों
पर प्रतिबंध लगा दिया था। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 2014 के एक आदेश में भी सार्वजनिक स्थानों पर
15 साल से पुराने वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाई गई थी।प्रदूषण पर लगाम लगाने और राजधानी की सड़कों
से एंड-ऑफ़-लाइफ़ (ईओएल) वाहनों को हटाने के उद्देश्य से की जा रही इस कार्रवाई को पेट्रोल स्टेशनों पर
लगाए गए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों के ज़रिए लागू किया जा रहा है, साथ ही दिल्ली
परिवहन विभाग और पुलिस की ऑन-ग्राउंड टीमें भी काम कर रही हैं।मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच
पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध की शुरुआत हुई।

अब दिल्ली में पेट्रोल पंप पर लगे नंबर प्लेट रीडर कैमरे

दिल्ली सरकार ने ऐसे वाहनों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में करीब 350 पेट्रोल पंपों पर

स्वचालित नंबर प्लेट रीडर कैमरे (एएनपीआर) लगाए हैं। यह अभियान मंगलवार सुबह 6 बजे से शुरू

हुआ, जिसमें 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल चालित वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल

वाहनों को ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। परिवहन विभाग ने अपने संगठन, दिल्ली

पुलिस, यातायात पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मियों को शामिल करते हुए

एक विस्तृत तैनाती योजना तैयार की है। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस

की कई टीमों को दक्षिण दिल्ली के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तैनात किया गया है। चिराग दिल्ली के

ढींगरा पेट्रोल पंप पर परिवहन प्रवर्तन और दिल्ली यातायात पुलिस की टीम सुबह से ही तैनात देखी

गईं। पेट्रोल पंपों को ऐसे वाहनों को ईंधन न देने का निर्देश दिया गया है।’’ उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों

की पहचान के लिए पंप पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित कैमरे और स्वचालित हूटर सिस्टम भी

लगाए गए हैं। अगर ऐसा कोई वाहन आता है, तो कैमरे तुरंत उसका पता लगा लेते हैं और कर्मचारियों को

सचेत करने के लिए हूटर बजा देते हैं।ऐसे मामलों में वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया जाता है।

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