
केंद्र ने रियासी में 9 जून को तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच
एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। घटनाक्रम से परिचित लोगों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में
हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें उन्होंने सेना, अर्धसैनिक बलों और खुफिया
एजेंसियों को जम्मू क्षेत्र में भी आतंकवाद के खिलाफ कश्मीर घाटी में हासिल की गई सफलताओं
को दोहराने का निर्देश दिया। संघीय एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से जांच का जिम्मा संभालने
के बाद अपनी स्वयं की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर ली है। 9 जून को आतंकवादियों
ने शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही 53 सीटों वाली बस पर गोलीबारी
की, जिससे वह सड़क से उतरकर पोनी क्षेत्र के तेरयाथ गांव के पास गहरी खाई में गिर गई। बस में
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के तीर्थयात्री सवार थे। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई
जबकि 42 अन्य घायल हो गए।
अब रियासी बस हमले की जांच करेगी NIA
अधिकारियों ने बताया कि एनआईए इस हमले में एक बड़ी साजिश की जांच करेगी,
जिसका संबंध कठुआ और डोडा में पिछले मंगलवार और बुधवार को हुए तीन अन्य
हमलों से भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले एक
सप्ताह में कई लोगों से पूछताछ की है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो आतंकवादियों
का समर्थन करते थे। गृह मंत्री ने रविवार को स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने,
आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सुरंगों का पता लगाने और ड्रोन घुसपैठ से
निपटने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के महत्व पर भी जोर दिया और रेखांकित
किया कि सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को “मिशन मोड” पर काम करने और समन्वय
को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है।