अमेरिका में रूस-भारत ने कर ली सीक्रेट मीटिंग
संयुक्त राष्ट्र में दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष पहुंच रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने के
लिए रूस, चीन, अमेरिका, भारत और यूरोप के एक से बढ़कर एक देश और उनके प्रतिनिधि
पहुंच रहे हैं। इन सब के बीच ऐसी मुलाकात हो रही है, जिसे लेकर अमेरिका की टेंशन बड़
रही है। उनमें एक मुलाकात जहां ब्रिक्स देशों की थी। वहीं दूसरी मुलाकात चीन और
पाकिस्तान के लिए खलबली लाने वाली थी। ये मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस
जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गोई लावरेव के बीच हुई। रूस यूक्रेन युद्ध के बीच
जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस का दौरा किया और उसके बाद व्लादिमीर
जेलेंस्की से मुलाकात की। फिर उनका अगला दौरा अमेरिका में निर्धारित हुआ।
अमेरिका में जो बाइडेन के साथ उनकी युद्ध को लेकर बात हुई। अब जयशंकर और
लावरोव मिले हैं। इस मुलाकात में सर्गोई लावरोव और भारत के विदेश मंत्री जयशंकर
आमने सामने थे। ब्रिक्स के विस्तार को लेकर जब हर तरफ चर्चा हो रही है। फिर दोनों
नेताओं के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत शुरू हो गई। बातचीत के दौरान यूनाइटेड
नेशन जनरल असेंबली का जिक्र हुआ। साथ ही ब्रिक्स को लेकर होने वाली बैठक का
भी जिक्र हुआ। एशिया पेसेफिक रिजन को जोड़ने के लिए पश्चिमी देश किस तरह नाटो
का इस्तेमाल कर रहे हैं, इस पर बार बार रूस जोर देता आया है। रूस की तरफ से इसे
लेकर जानकारी भी दी गई और बताया गया कि दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी
को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को
लेकर भी चर्चा की।
अमेरिका में रूस-भारत ने कर ली सीक्रेट मीटिंग
इससे पहले 25 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
(यूएनएससी) को बताया कि उन्होंने रूस के साथ कीव के लंबे युद्ध को समाप्त करने के लिए
दूसरे अंतर्राष्ट्रीय शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत को पहले ही आमंत्रित
किया है। ज़ेलेंस्की ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एकता हमेशा शांति के लिए काम करती है
और युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सभी देशों से सामूहिक तैयारी का आह्वान किया।
जेलेंस्की ने कहा कि मैं आप सभी प्रमुख देशों को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आमंत्रित
करता हूंष सभी जो वास्तव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करते हैं। हम चीन को आमंत्रित
करते हैं। हम ब्राज़ील को आमंत्रित करते हैं। मैंने पहले ही भारत को आमंत्रित किया है। हम
अफ्रीकी देशों, पूरे लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया, यूरोप, प्रशांत क्षेत्र और उत्तरी
अमेरिका के साथ काम कर रहे हैं।