अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान

 

अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान
अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान
नवंबर में नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की थी। नवंबर में जिन
नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए उनमें मुजफ्फरनगर की सीसामऊ, कटेहरी, कुंदरकी, करहल,
खैर, फूलपुर, गाजियाबाद, मंझवा और मीरापुर शामिल थे।उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट
पर बहुप्रतीक्षित उपचुनाव दिल्ली चुनाव के साथ 5 फरवरी को होंगे। चुनाव आयोग ने मंगलवार को
घोषणा की कि नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। जून में फैजाबाद लोकसभा सीट से मौजूदा
सपा विधायक अवधेश प्रसाद के जीतने के बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। नवंबर
में नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की थी। नवंबर में जिन नौ
विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए उनमें मुजफ्फरनगर की सीसामऊ, कटेहरी, कुंदरकी, करहल,
खैर, फूलपुर, गाजियाबाद, मंझवा और मीरापुर शामिल थे।
 

अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान

 

मिल्कीपुर उपचुनाव पहले नवंबर 2024 में नौ अन्य विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव के साथ होना था।

चुनाव आयोग ने अदालत में लंबित मामले के कारण मिल्कीपुर उपचुनाव स्थगित कर दिया था।

समाजवादी पार्टी ने पहले ही मिल्कीपुर से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को अपना आधिकारिक

उम्मीदवार घोषित कर दिया था। भाजपा ने छह मंत्रियों को चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतारा है।

मिल्कीपुर पर सभी की नजर है। यह अयोध्या की पास की सीट है। अवधेश प्रसाद बड़ा उलटफेर करते

हुए लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर जीत हासिल की था। इसी के अंतर्गत अयोध्या आता है जहां

राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ था।फिलहार मिल्कीपुर उपचुनाव को भाजपा के प्रतिष्ठा से जोड़ा

जा रहा है। योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम लगातार उसको लेकर मेहनत भी कर रही है। 2022 के

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर से बीजेपी उम्मीदवार गोरखनाथ प्रसाद से चुनाव हार गए.

बाद में, गोरखनाथ ने विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के दौरान प्रसाद द्वारा दायर हलफनामे

में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए प्रसाद के चुनाव को चुनौती दी।

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