
अलका याग्निक को विरासत में मिली थी गायिकी
अलका याग्निक की मां शुभा उनको 10 साल की उम्र में लेकर मुंबई आ गईं। इस दौरान उनको 10 साल
की उम्र में अभिनेता राजकपूर के कारण पहला म्यूजिक ब्रेक मिला। दरअसल, कोलकाता के एक फिल्म
डिस्ट्रिब्यूटर ने राजकपूर को खत भेजकर अलका याग्निक के बारे में बताया। वहीं राजकपूर भी 10 साल
छोटी लड़की में इतना हुनर देखकर खुश हो गए। इसके बाद उन्होंने अलका को संगीत निर्देशक
लक्ष्मीकांत, प्यारेलाल के पास भेज दिया। इस दौरान उनको साल 1980 में आई फिल्म ‘पायल की
झंकार’ में पहली बार गाना गाने का मौका मिला। इसके बाद साल 1981 में फिल्म ‘लावारिस’ में
उनको गीत गाने का मौका मिला। इन गीतों से अलका याग्निक को इंडस्ट्री में स्थापित होने का
मौका मिला।अलका याग्निक को असली पहचान साल 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ के गाने ‘एक
दो तीन’ से मिली। इस गाने के लिए उनको सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
इस गाने से अलका याग्निक ने दर्शकों के दिल में एक खास जगह बना ली थी। इसके बाद वह प्लेबैक
सिंगर के रूप में जानी गईं। बता दें कि अलका याग्निक ने करीब 20,000 गाने गाए हैं। वहीं न सिर्फ
हिंदुस्तान बल्कि पाकिस्तान में भी उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी। आतंकवादी ओसामा बिन
लादेन भी अलका याग्निक का फैन था।साल 1989 में अलका याग्निक ने नीरज कपूर से शादी कर ली
थी। लेकिन पिछले 31 साल से वह अपने पति से अलग रह रही हैं। सिंगर से शादी करने के बाद नीरज
ने अपना बेस मुंबई शिफ्ट कर लिया था, लेकिन मुंबई में नीरज को काफी नुकसान उठाना पड़ा, जिसके
कारण उन्होंने अलका से वापस शिलॉन्ग शिफ्ट होने के लिए कहा। लेकिन अलका मुंबई में तो नीरज
शिलॉन्ग में रहते हैं। उन्होंने अपना रिश्ता लॉन्ग डिस्टेंस पर कायम रखा है।