
30 मार्च, 1981 का वो दिन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन में भाषण देकर निकल
रहे थे तभी भीड़ में शामिल एक शख्स ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना में रीगन गंभीर रूप से घायल हो गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति पर इस जानलेवा हमले की खबर से पूरे विश्व को सकते में डाल दिया। दुनिया के सबसे
शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति पर कोई आकर सरेआम ताबड़तोड़ छह गोलियां बरसा देता है, ये सुनकर हर
कोई हैरान था। 25 वर्षीय जॉन हिंकले जूनियर के रूप में पहचाने जाने वाले शूटर की प्रेरणा केवल हॉलीवुड
स्टार जोडी फोस्टर को जीतने की उसकी इच्छा से प्रेरित थी। रीगन उपचार के बाद स्वस्थ हो गए थे।
अस्पताल में डॉक्टर से क्यों पूछा ये सवाल
20 जनवरी, 1981 को रिपब्लिकन रोनाल्ड रीगन संयुक्त राज्य अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति बने। 30
मार्च, 1981 को उन्हें गोली मार दी गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जब वे वाशिंगटन के
हिल्टन होटल में भाषण देने के बाद अपने काफिले की ओर लौट रहे थे। राष्ट्रपति और उनके एजेंटों
ने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी थी, क्योंकि होटल और उनकी लिमोसिन के बीच की दूरी बहुत कम थी।
जॉन हिंकले जूनियर ने अपनी रोहम RG-14.22 LR ब्लू स्टील रिवॉल्वर से छह राउंड फायर किए।
इसको संयोग ही कहा जाएगा कि कोई भी गोली रेगन को सीधे नहीं लगी। गोलियां चलने के बाद
सभी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया था। इसी घेरे में उन्हें उनकी कार तक ले जाया
गया। तभी एक गोली उनके बुलेटप्रूफ शीशे से टकराकर उनकी बाईं छाती में धंस गई। उन्हें तुरंत
अस्पताल पहुंचाया गया। इस रास्ते को तय करने में महज चार मिनट लगे, लेकिन तब तक
राष्ट्रपति रीगन खून की उलटियां करने लगे थे। उनके सीने में लगी गोली फेफड़ों तक पहुंच
चुकी थी और उनके दिल से सिर्फ एक इंच की दूरी पर थी। जब उन्हें जॉर्ज वाशिंगटन अस्पताल
पहुंचाया गया, तो वहां स्ट्रेचर नहीं था। रेगन खुद चलते हुए अस्पताल के अंदर गए। लेकिन
तब तक उनके चेहरे पर बेहोशी छाने लगी थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। कुछ देर
बाद वो घुटनों के बल जमीन पर बैठ गए। रीगन ने कथित तौर पर माहौल को खुशनुमा बनाए
रखने की कोशिश की, भले ही उनका कम से कम 40 प्रतिशत खून बह चुका था। उन्होंने कथित
तौर पर अपने डॉक्टरों से कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप सभी रिपब्लिकन होंगे, जिस पर
उन्होंने जवाब दिया, आज, मिस्टर प्रेसिडेंट, हम सभी रिपब्लिकन हैं।