
मौजूदा मामले में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि मानव की पत्नी निकिता, उसके
सास-ससुर और सालियों ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। यह कदम उठाने से पूर्व, शर्मा ने
एक वीडियो बनाया था जिसे बाद में उसके परिवार ने खोजा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने
आईटी कंपनी के अधिकारी मानव शर्मा की सास और साली को जमानत दे दी है। शर्मा ने इस
साल फरवरी में खुदकुशी कर ली थी। न्यायमूर्ति समीर जैन ने याचिकाकर्ताओं के वकील और
राज्य सरकार के वकील की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को शर्मा की सास पूनम शर्मा और
साली को जमानत दी।पूनम शर्मा के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं को खुदकुशी के लिए
उकसाने के झूठे आरोप के आधार पर इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘याचिकाकर्ताओं
के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के ठोस सबूत नहीं हैं और ऐसा लगता है कि पति-पत्नी के
बीच वैवाहिक विवाद की वजह से मानव शर्मा ने खुदकुशी की और इसके बाद शर्मा की पत्नी के
करीबी रिश्तेदार होने की वजह से इन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है। अदालत ने जमानत
अर्जी मंजूर करते हुए कहा, “आरोपों के मुताबिक, शर्मा की सास और साली उसका उत्पीड़न किया
आईटी कंपनी के अधिकारी मानव शर्मा की सास और साली को जमानत मिली
करते थे। इसलिए उसने आत्महत्या की लेकिन इनके खिलाफ सामान्य आरोप लगाए गए हैं
और इस अदालत को याचिकाकर्ता के वकील की दलील में दम लगता है कि याचिकाकर्ता के
खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। अदालत ने आगे कहा, “इसके
अलावा, याचिकाकर्ता महिलाएं हैं और इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और मौजूदा
मामले में वे 15 मार्च 2025 से जेल में बंद हैं। इसलिए तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार
करते हुए याचिकाकर्ता जमानत पर रिहा किए जाने की हकदार हैं। मौजूदा मामले में दर्ज
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि मानव की पत्नी निकिता, उसके सास-ससुर और
सालियों ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। यह कदम उठाने से पूर्व, शर्मा ने एक वीडियो
बनाया था जिसे बाद में उसके परिवार ने खोजा। उस वीडियो में मानव रोते हुए समाज से
पुरुषों के सामने आ रही चुनौतियों की बात कर रहा था और वह लोगों से बार-बार पुरुषों के
बारे में सोचने की अपील कर रहा था।