
आत्महत्या के लिए उकसाने के तत्व प्रथम दृष्टया सामने आए
निकिता सिंघानिया, उनकी मां और भाई को बेंगलुरु की एक अदालत ने शनिवार को मामले में
जमानत दे दी थी। आईटी पेशेवर अतुल सुभाष की अलग रह रही पत्नी ने मामले में अपने खिलाफ
दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया। निकिता ने अपनी गिरफ्तारी
को चुनौती देते हुए दावा किया था कि यह अवैध है और इसमें औचित्य का अभाव है। उसके वकील
ने उसे सुप्रीम कोर्ट में अपना बचाव तैयार करने की अनुमति देने के लिए अंतरिम जमानत के लिए
तर्क दिया। 9 दिसंबर, 2024 को आत्महत्या करके मरने वाले सुभाष ने अपने सुसाइड नोट में अपनी
पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों
में आया जब बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में काम करने वाले सुभाष ने अपनी पत्नी और ससुराल
वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक वीडियो बनाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर
व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था।