आप्टे को बचाने के लिए शिंदे को मारा गया
यौन उत्पीड़न मामले के बारे में बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि यह एकनाथ शिंदे के प्रशासन की पूरी तरह विफलता
है। इस घटना को बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि तीन
साल के बच्चे की मां को एफआईआर दर्ज कराने के लिए बार-बार पुलिस स्टेशन जाना पड़ा। बदलापुर एनकाउंटर
को लेकर महाराष्ट्र में बयानों का दौर लगातार जारी है। वर्ली से विधायक और युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य
ठाकरे ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे की मौत का मुद्दा उठाया। आज तक के
मुंबई कॉन्क्लेव में बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि क्या एक आप्टे को बचाने के लिए शिंदे को मारा गया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनकाउंटर को लेकर कई सवाल हैं। ठाकरे ने कहा कि चाहे वह मुठभेड़ थी,
हत्या थी या आत्महत्या…कई सवाल उठ रहे हैं। यौन उत्पीड़न मामले के बारे में बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि
यह एकनाथ शिंदे के प्रशासन की पूरी तरह विफलता है। इस घटना को बुनियादी मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ
बताते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि तीन साल के बच्चे की मां को एफआईआर दर्ज कराने के
लिए बार-बार पुलिस स्टेशन जाना पड़ा।
आप्टे को बचाने के लिए शिंदे को मारा गया
उदय कोटवाल अध्यक्ष हैं, तुषार आप्टे स्कूल चलाने वाले ट्रस्ट के सचिव हैं। कुछ समय पहले सोशल
मीडिया पर एक बैनर वायरल हुआ था, जिसमें तुषार आप्टे की तस्वीर है, जिसमें कहा गया है कि वे
अंबरनाथ जिले के जनकल्याण समिति (लोक कल्याण) के अध्यक्ष हैं। इस मामले में बदलापुर के संबंधित
स्कूल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के अध्यक्ष उदय कोटवाल और सचिव तुषार आप्टे के खिलाफ सह-आरोपी के रूप
में पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया है। अक्षय शिंदे पर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर शहर के
एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, अक्षय शिंदे
को उसकी पूर्व पत्नी द्वारा दर्ज करायी गयी एफआईआर से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस वाहन
में नवी मुंबई की तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था। इस दौरान ठाणे में मुंब्रा बाईपास के पास उसने
कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन ली, जिसके बाद हुई गोलीबारी में उसकी मौत हो गई।