इंजरी के बाद वापसी करेंगी Mirabai Chanu, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजर

इंजरी के बाद वापसी करेंगी Mirabai Chanu, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजर
इंजरी के बाद वापसी करेंगी Mirabai Chanu, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजर

मीराबाई चानू एक साल के अंतराल के बाद सोमवार को प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में वापसी करेंगी

और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में घरेलू चुनौती की अगुवाई करेंगी

जिसमें भारतीय भारोत्तोलकों से पदकों की झड़ी लगाने की उम्मीद है।

हाल के वर्षों में चोटों से जूझती रहीं चानू पिछली बार पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक में खेली थीं

जिसमें वह एक किलोग्राम से पोडियम स्थान से चूक गई थीं।

टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू एक साल के अंतराल के बाद

सोमवार को प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में वापसी करेंगी और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में घरेलू चुनौती

की अगुवाई करेंगी जिसमें भारतीय भारोत्तोलकों से पदकों की झड़ी लगाने की उम्मीद है।

हाल के वर्षों में चोटों से जूझती रहीं चानू पिछली बार पिछले साल अगस्त

में पेरिस ओलंपिक में खेली थीं जिसमें वह एक किलोग्राम से पोडियम स्थान से चूक गई थीं।

इंजरी के बाद वापसी करेंगी Mirabai Chanu, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजर

31 वर्षीय मीराबाई ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों के लिए नए ओलंपिक भार वर्ग लागू होने

के बाद 49 किग्रा से 48 किग्रा में जाने का फैसला किया है।

वह इस 48 किग्रा भार वर्ग में अपना विश्व चैंपियनशिप खिताब और दो राष्ट्रमंडल खेलों

के पदक जीत चुकी हैं लेकिन 2018 के बाद से इसमें प्रतिस्पर्धा नहीं की है।

वजन को नियंत्रित करना एक चुनौती होगी और चानू ने खुद इसे स्वीकार किया है।

लेकिन इस दृढ़ निश्चयी मणिपुरी खिलाड़ी ने यह चुनौती स्वीकार कर ली है।

मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा के साथ मिलकर काम करते हुए मीराबाई

अपनी तकनीक को भी निखार रही हैं ताकि स्नैच में 90 किलोग्राम का वजन उठा सकें।

अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में शीर्ष पर पहुंचने की तैयारी में जुटी चानू ने कहा

कि वह राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पूरी ताकत नहीं झोंकेंगी जो अगले साल ग्लासगो में होने वाले

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंटों में से एक है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि, मैं अहमदाबाद में पूरी ताकत नहीं लगा रही हूं

क्योंकि मैं विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हूं। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेल हैं

जहां मेरा लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड तोड़ना और पदक जीतना है क्योंकि मैंने अभी तक वहां कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया है।

चानू भले ही मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं लेकिन भारत के दल के लगभग हर भार

वर्ग में पोडियम पर पहुंचने की उम्मीद है।

राष्ट्रमंडल प्रतियोगिताएं (राष्ट्रमंडल खेल और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप)

लंबे समय से भारतीय भारोत्तोलकों के लिए एक शानदार जगह रही हैं

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