
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश के लिए
सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते 10 ग्राम सोने का भाव एक लाख रुपए के करीब
पहुँच चुका है। भारत में शादी ब्याह का सीजन शुरू हो चुका है ऐसे में लोगों को आभूषणों की खरीदारी
करनी होती है लेकिन सोने के बढ़ते भाव को देखकर सबका बजट बिगड़ रहा है। हालांकि उन लोगों
की चांदी हो रही है जिन्होंने सोने में निवेश किया हुआ था क्योंकि सोना सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा
है। दूसरी ओर लोगों के मन में सवाल उपज रहा है कि इस भाव पर सोना खरीदा जाये या नहीं?
लोगों के मन में यह भी सवाल है कि क्या इस भाव पर सोने को बेच कर प्रॉफिट बुक कर लिया
जाये या और भाव बढ़ने का इंतजार किया जाये? इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के
भाव बढ़ते रहना निश्चित है लेकिन धीरे धीरे प्रॉफिट बुक करना चाहिए।विशेषज्ञों का कहना है
कि हर दिन बाजार खुलते ही चीन ताबड़तोड़ सोना खरीद रहा है और डॉलर बेच रहा है। विशेषज्ञों
का कहना है कि चीन अगर इतने ज्यादा भाव में खरीद रहा है तो कभी बेचेगा भी इसलिए निवेशक
प्रॉफिट बुक करते रहें जिससे करेक्शन से पहले तेजी का फायदा मिल जाए। विशेषज्ञों का यह भी
कहना है कि ट्रंप किस करवट बैठेंगे कोई नहीं जानता और इसलिए सोने की कीमते कहां रुकेंगी
कोई नहीं कह सकता। इसलिए इस तेजी में धीरे-धीरे खरीदारी करें। बाजार विशेषज्ञों का यह भी
कहना है कि अक्षय तृतीया आने वाली है।
इस भाव पर सोना खरीदना सही है या बेचना
इसके अलावा, एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक (जिंस और मुद्रा) जतीन त्रिवेदी
ने कहा, ‘‘सोने में एक बार फिर जोरदार तेजी आई…एमसीएक्स सोने ने 95,000 रुपये के ऐतिहासिक
स्तर को छुआ, जबकि कॉमेक्स सोना 3,300 डॉलर को पार कर गया, जो मजबूत सुरक्षित-निवेश की
मांग को दर्शाता है।’’ जतीन त्रिवेदी ने कहा कि यह तेजी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका
और चीन के बीच शुल्क वार्ता में किसी भी रचनात्मक प्रगति की अनुपस्थिति से प्रेरित थी। जब तक
तनाव कम होने का संकेत देने वाला कोई ठोस कदम सामने नहीं आता, तब तक सोने के ऊंचे स्तर
पर बने रहने की संभावना है।वहीं कोटक सिक्योरिटीज की एसोसिएट उपाध्यक्ष जिंस शोध कायनात
चैनवाला ने कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार द्वारा चीन को निर्यात नियमों को सख्त करने के बाद व्यापार
युद्ध की बढ़ती चिंताओं के कारण सोना रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया।’’ अबन्स फाइनेंशियल
सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी चिंतन मेहता के अनुसार, सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई
पर पहुंच गईं, क्योंकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 अंक से नीचे गिर गया, जो तीन साल के निचले
स्तर के करीब है। उन्होंने कहा कि सोने में तेजी संभावित ब्याज दर में कटौती की बढ़ती उम्मीदों से
प्रेरित है। बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल के संबोधन पर बारीकी से नज़र रख
रहे हैं।