ऑनलाइन गेमिंग करते समय सुरक्षित रहें!’: गृह मंत्रालय के साइबर विंग ने जारी किया अलर्ट

गृह मंत्रालय की साइबर विंग ने चेतावनी जारी कर लोगों से ऑनलाइन गेमिंग में सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

ऑनलाइन गेमिंग करते समय सुरक्षित रहें

एएनआई, नई दिल्ली। गेमिंग ऐप्स के माध्यम से हाल ही में हुई धोखाधड़ी के जवाब

में गृह मंत्रालय (एमएचए) की साइबर विंग ने एक चेतावनी जारी कर लोगों से

ऑनलाइन गेमिंग में सावधानी बरतने का आग्रह किया है। गृह मंत्रालय की

साइबर विंग के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय

केंद्र (14सी) ने एक चेतावनी संदेश जारी किया – “स्मार्ट खेलें, सुरक्षित खेलें – ऑनलाइन गेमिंग के दौरान सुरक्षित रहें!”

ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर और आधिकारिक वेबसाइटों
जैसे प्रामाणिक स्रोतों से ही डाउनलोड करें।” 14सी ने यह भी सलाह दी कि

गृह मंत्रालय के साइबर विंग ने जारी किया अलर्ट

वेबसाइट की वैधता सुनिश्चित करने के लिए गेम ऐप प्रकाशकों की जानकारी हमेशा जांचें।”
साइबर सुरक्षा विंग ने चेतावनी दी कि “कभी भी गेम इन-ऐप खरीदारी और
आकर्षक सब्सक्रिप्शन ऑफर के जाल में न फंसें।” साइबर सुरक्षा विंग ने “
चैट या मंचों पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने का सुझाव दिया है,
क्योंकि घोटालेबाज खिलाड़ियों को हेरफेर करने के लिए सोशल मीडिया रणनीति का उपयोग कर सकते हैं।”

इसमें आगे सिफारिश की गई है, “ऐप डाउनलोड करते समय केवल

प्रासंगिक और आवश्यक अनुमतियां ही दें।” ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में

I4C साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करने का सुझाव देता है।

ऑनलाइन गेमिंग करते समय सुरक्षित रहें

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले साल 15 दिसंबर तक कुल 581

ऐप्स को ब्लॉक किया था और इनमें से 174 सट्टेबाजी और जुए वाले ऐप्स

और 87 लोन देने वाले ऐप्स थे। इन ऐप्स को एमएचए (MHA) की सिफारिशों

पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा ब्लॉक कर दिया गया था।

इन ऐप्स को आईटी एक्ट, 2000 की धारा 69ए के तहत ब्लॉक किया गया था।

इन गेमिंग एप्लिकेशन में पबजी, गेरेना फ्री फायर शामिल थे।

विशेष रूप से, पिछले साल जुलाई में, केंद्र ने आईजीएसटी (IGST)अधिनियम में

संशोधन किया था, जिससे सभी ऑफशोर गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में

पंजीकृत होना अनिवार्य हो गया था। इसके अलावा, अधिनियम ने केंद्र को

उन वेबसाइटों को ब्लॉक करने की शक्ति भी दी जो पंजीकृत नहीं हैं और कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं।

सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म प्रॉक्सी बैंक खातों के माध्यम से यूपीआई भुगतान एकत्र कर रहे थे

सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म प्रॉक्सी बैंक खातों के माध्यम से यूपीआई भुगतान एकत्र कर रहे थे

और प्रॉक्सी खातों में जमा राशि हवाला, क्रिप्टो

और अन्य अवैध मार्गों के माध्यम से भेजी जा रही थी।

महादेव के अलावा, जिन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया उनमें

Parimatch, Fairplay, 1XBET, Lotus365, Dafabet और

Betwaysatta शामिल हैं। इनमें से कई प्रतिबंधित सूची में हैं

और कुछ भारत में अवैध रूप से काम कर रहे थे।

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि

I4सी की सिफारिश पर 500 से ज्यादा इंटरनेट आधारित

एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया गया है। शाह ने केंद्रीय गृह सचिव

अजय कुमार भल्ला के साथ I4सी के कामकाज की समीक्षा करते हुए यह बयान दिया था

और कहा था कि केंद्र ने देश में शीर्ष 50 साइबर हमलों के तौर-तरीकों की एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की है।

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