
21 जुलाई 2025 दिन सोमवार संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू हुई और शाम होते होते
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस इस्तीफे में उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अब वो शायद
इस पद को नहीं संभाल सकते हैं। उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक नहीं है।
राष्ट्रपति को उन्होंने लेटर लिखा।
उन्होंने राष्ट्पति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद भी दिया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री और मंत्रीपरिषद को भी उनके सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया है।
किसी ने पद छोड़ लड़ा राष्ट्रपति चुनाव, किसी ने हार के बाद दिया इस्तीफा, कार्यकाल पूरा होने से पहले रिजाइन करने
उन्होंने आगे लिखा कि मुझे संसद के सभी माननीय सदस्यों ने जो स्नेह विश्वास और सम्मान दिया
वो जीवनभर उनके ह्दय में संचित रहेगा। ऐसे में बड़ा सवाल ये है
कि अचानक उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया? क्योंकि राज्यसभा की कार्यवाही में उन्होंने सभा का संचालन भी किया
और उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई वैसी बात नहीं लग रही थी। दूसरा बड़ा सवाल ये है
कि अब जगदीप धनखड़ के बाद कौन उनके पद को संभालेगा।
फिलहाल तो राज्यसभा के उपसभापति उनके इस पद को संभालेंगे। फिर उपराष्ट्रपति को चुनने की प्रक्रिया होगी।
आपको बता दें कि अपने कार्यकाल के दौरान इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ पहले राजनेता नहीं है।
उनके पहले वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था।
गिरि ने दो जुलाई 1969 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव लड़ा।
वो अपना कार्यकाल पूरा न कर पाने वाले पहले उपराष्ट्रपति थे।
भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)
उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।