
केंद्रीय योजनाओं को लागू करने के लिए धनराशि जल्द जारी करे केंद्र
इसी तरह, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के संबंध में, चौथी तिमाही की जारी धनराशि का एक बड़ा हिस्सा
अप्रैल और मई 2024 के दौरान ही जारी हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष के समापन के भीतर इतनी बड़ी राशि का
उपयोग करना संभव नहीं है और इसलिए धनराशि को अगले वित्त वर्ष 2024-25 में ले जाना होगा।’’ उन्होंने
कहा कि इसका व्यापक प्रभाव हर तिमाही में देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)
के बारे में उन्होंने कहा कि कुल बजट राशि 304 करोड़ रुपये थी, जिसमें केंद्र का हिस्सा 184 करोड़ रुपये था, जो 60
प्रतिशत था।राज्य का हिस्सा 120 करोड़ रुपये था। उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि पीएमएमवीवाई दिशानिर्देशों
के अनुसार, केंद्रीय हिस्सा जमा होने के बाद राज्य का हिस्सा जमा किया जाना चाहिए, लेकिन पिछले दो वर्षों से केंद्र
द्वारा एक भी किस्त जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आज तक एसएनए में केवल 30.65 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं
और एपीआई मुद्दों के कारण यह राशि लाभार्थियों को जमा नहीं की जा सकी है। इसलिए, उन्होंने केंद्र से निर्धारित
समयसीमा के भीतर धन जारी करने और राज्य सरकार को कल्याणकारी योजनाओं को अधिक कुशलता से लागू
करने में सक्षम बनाने का अनुरोध किया।