
केजरीवाल के हलफनामे पर BJP का सवाल
हलफनामे में यह भी खुलासा हुआ कि केजरीवाल के पास कोई घर या कार नहीं है। हालांकि, इसको लेकर
सियासत तेज हो गई है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि 2014-15 से, अरविंद केजरीवाल
अपने आय स्रोत को विधायक पारिश्रमिक के रूप में दिखाते हैं। बिना किसी अन्य स्रोत के 2020-21 में उनकी
आय 40% कैसे बढ़ गई। ये पैसा कहां से आया? उन्होंने कहा कि 2020-21 वह समय था जब लोग कोविड के
कारण घर पर थे, वे उस समय लोगों की जान बचाने में लगे हुए थे। उस समय आप और आपके ‘शराब’ मंत्री
दिल्ली की शराब नीति बना रहे थे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की फरवरी 2023 में वेतन भत्ते वृद्धि से
पूर्व में दिल्ली में तत्कालीन मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल को 72,000 रूपए प्रति माह मिलता होगा जो वृद्धि
के बाद 1,70,000 रूपए प्रति माह मिला होगा। इसी तरह जब वह पूर्व में 2014-15 में 7 माह सामान्य विधायक
रहे तो उन्हे 55,000 रूपए का वेतन एवं भत्ते मिले होंगे। अब 17 सितम्बर 2015 के बाद से फिर उन्हे सामान्य
विधायक का 90,000 रूपए वाला वेतन मिल रहा होगा। इस हिसाब से चलते हुए हम देखें तो अरविंद केजरीवाल
के 2013-14 से 2024-25 तक की जो बेसिक बिना भत्ता आय भी बनती है वह उनके द्वारा कल 15 जनवरी
2025 को नामांकन पत्र दायर करते हुए जो हालफनामा दायर किया है उसमें दिए विवरण से मेल नही खाती।