
केदारनाथ के पास रविवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे के
संबंध में उत्तराखंड सरकार ने आर्यन एवियेशन प्राइवेट
लिमिटेड के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में
मुकदमा दर्ज किया है।गौरीकुंड और त्रियुगीनारायण
के बीच गौरीमाई खर्क के जंगलों में खराब मौसम और
कम दृश्यता के कारण हुई दुर्घटना में, हेलीकॉप्टर में
सवार पायलट समेत सभी सात यात्रियों की मौके पर
ही मृत्यु हो गयी थी।रुद्रप्रयाग पुलिस ने बताया कि
आर्यन एवियेशन के एकाउंटेबल मैनेजर कौशिक
पाठक तथा मैनेजर विकास तोमर के खिलाफ
सोनप्रयाग पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता
की धारा 105 और वायुयान अधिनियम 134 की
धारा 10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि फाटा में तैनात राजस्व उप
निरीक्षक राजीव नखोलिया द्वारा दर्ज कराई
गयी शिकायत के आधार पर यह मुकदमा दर्ज
किया गया। शिकायत में कहा गया है कि आर्यन
एवियेशन को 15 जून को हेलीकॉप्टरसंचालन हेतु
सुबह छह से सात बजे तक का प्रथम स्लॉट आवंटित
किया गया था जबकि यह दुर्घटना उससे पहले ही
सुबह साढ़े पांच बजे हुई है।
केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसा आर्यन एवियेशन पर मुकदमा दर्ज
इसके अलावा, सुबह से ही आसमान में बादल और धुंध छाए
होने के बावजूद हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने से पहले मौसम की
स्थिति को नहीं जांचा गया। शिकायत में कहा गया है कि इस
संबंध में डीजीसीए एवं यूकाडा द्वारा जारी दिशानिर्देशों की
अनदेखी की गयी जबकि कंपनी के मैनेजर यह भली—भांति
जानते थे कि ऐसा करने से यात्रियों के जानमाल की क्षति हो
सकती है।शिकायत के अनुसार, ऐसा करके आर्यन कंपनी
और उसके मैनेजरों ने अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही
बरती जिसके कारण दुर्घटना हुई और उसमें सात लोगों की
मृत्यु हो गयी।