कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन

प्रेस विज्ञप्ति दिल्ली के व्यापारी तमाम दिक्कतों से जूझ रहे हैं

कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन

रविवार को कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय

जन उद्योग व्यापार संगठन दिल्ली प्रदेश का व्यापारी सम्मेलन आयोजित हुआ। *

कार्यक्रम में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के *बीजेपी सांसद मनोज तिवारी,

दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल,

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल * भी शामिल हुए।

सम्मेलन में संगठन के राष्ट्रीय संयोजक मुदित अग्रवाल ने कहा कि

राजनेताओं में व्यापार के प्रति समवेदनशीलता होनी चाहिए।

व्यापारिक संस्थाओं में दलगत राजनीति नहीं पनपनी चाहिए।

कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन

आज व्यापारी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की विसंगतियों से त्रस्त है।

खुदरा व्यापारियों को भी मॉर्डन तरीकों से काम करना होगा। बड़ी कंपनियां बंद नहीं हो सकती

लेकिन सरकार छोटे -खुदरा व्यापारियों के हितों को सुरक्षित करने

के नीतियों में आवश्यक परिवर्तन करे। जीएसटी लागू हुए पाँच वर्ष

से अधिक हो गये लेकिन अब तक वैट के पुराने मामलों का समाधान नहीं निकला।

आज भी व्यापारियों नोटिस आ रहे हैं , उनके बैंक खातों को सीज़ किया जा रहा है ।

सरकार इसके लिये एक ऐमनेस्टी स्कीम लाये और बिना ब्याज -पेनेल्टी

के सारे केस असेसमेंट करके ख़त्म करे । पोल्यूशन एक बड़ा मुद्दा है।

जेनरेटर सेट को चलाने पर रोक लगा देते हैं

राज्य सरकार 24 घंटे बिजली मुहैया कराएगी, तो क्यों जेनरेटर चलाएंगे?

*व्यापारियों की समस्या सुनकर सांसद मनोज तिवारी ने कहा

कि समस्याओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। * ये किसी दल की नहीं होती हैं।

जब 5 साल पहले जीएसटी आया था, तब कई मार्केट असोसिएशन पदाधिकारी मुलाकात करने आए।

तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जॉइंट सेक्रट्री को भेजा।

सभी व्यापारियों के सुझाव का ड्राफ्ट तैयार हुआ। बाद में अनेक कैटेगरी में सुधार हुए।

कई सामान पर जीएसटी घटा, तो कुछ पर 0 भी हुआ। दिल्ली के

व्यापारियों को महंगी कमर्शल दरों पर बिजली का बिल भुगतना पड़ रहा है।

वायदा बिजली हाफ का किया था। पहले घरेलू उद्योग में यदि 7 से ज्यादा आदमी काम करते थे,

तो उसे सील कर देते थे। ये बड़ी दिक्कत थी कि जगह होने के बावजूद अधिक लोगों से काम नहीं करा सकते थे।

कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन

तब एमसीडी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। नियम बनाया कि अब जगह को ध्यान

में रखकर 11 आदमी और 10 किलोवाट बिजली घरेलू उद्योग में यूज कर सकते हैं।

अब व्यापारी संस्थाओं से आग्रह है कि अपनी समस्याओं और सुझाव के साथ

एक मेमोरेंडम तैयार करें । उसे लेकर 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के

साथ केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने ट्रेडर्स की समस्याओं को आगे भी सुनने का आश्वासन भी दिया है।

*पूर्व सांसद श्री जय प्रकाश अग्रवाल ने कहा की व्यापारियों की समस्याएँ सुनी जानी चाहिये

और उनके त्वरित हल के लिए मजबूती से प्रयास होना चाहिये । *

आज देश का व्यापारी भारी मंदी से जूझ रहा है । माँग की कमी की वजह से छोटे

उद्योग -धंधे बंद हो रहे हैं और बेरोज़गारी बढ़ रही है ।

छोटे व्यापारी के लिये बैंकों से लोन लेना बेहद कठिन हो गया है

जिसके कारण व्यापार में नक़दी की भारी कमी हो रही है ।

सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिये । व्यापारी देश की

अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है । व्यापार बढ़ेगा , व्यापारी तरक़्क़ी करेगा तभी देश आगे बढ़ेगा।

*कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा की जब वैट लगा था

तब कहा गया था की टैक्स दरें कम होंगी

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