
कौन हैं हर्षा रिछारिया महाकुंभ की ‘साध्वी’
रिछारिया ने बताया कि वह आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या हैं। इंस्टाग्राम पर, जहां उनके अकाउंट हैंडल
का नाम “host_harsha” है, वह खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता/प्रभावशाली” और “हिंदू सनातन शेरनी”
बताती हैं। हर्षा ने अपने सोशल मीडिया पर इस मेले से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। पोस्ट में
उन्होंने साड़ी और ड्रेस जैसे पारंपरिक भारतीय परिधान पहने हुए हैं और माथे पर टीका लगाया हुआ है। उनके
फॉलोअर्स उनके इस देसी रूप को देखकर हैरान हैं। हर्षा ने अपने फॉलोअर्स को बताया कि अब वह ‘साध्वी’ बन
गई हैं। एक वीडियो में हर्षा रिछारिया ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 साल से साध्वी हैं। जहां कुछ लोग
उनके द्वारा चुने गए नए रास्ते के बारे में जानकर खुश हैं, वहीं कई लोगों ने उनकी आलोचना भी की। उनके
कुछ फॉलोअर्स ने बताया कि कैसे उनकी तस्वीरें वेस्टर्न आउटफिट में हैं।हर्षा एक सामाजिक कार्यकर्ता और
इन्फ्लुएंसर हैं और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरि जी महाराज की
शिष्या हैं। रिछारिया उत्तराखंड से हैं और खुद को ‘हिंदू सनातनी शेरनी’ यानी हिंदू सनातनी शेरनी कहती हैं।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनीं साधवी का जन्म 26 मार्च को हुआ था। इंस्टाग्राम पर उनके 1 मिलियन से
ज्यादा फॉलोअर्स हैं।महाकुंभ मेला 2025 से उनके हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “मैं
खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं।