क्यों खामोश हैं अरविंद केजरीवाल

 

क्यों खामोश हैं अरविंद केजरीवाल
क्यों खामोश हैं अरविंद केजरीवाल
एक दिन दिल्ली में जीते हुए विधायकों के साथ बैठक हुई। इस बैठक के बाद आतिशी ने अपना वक्तव्य
दिया। वहीं, मंगलवार को पंजाब के विधायकों और नेताओं के साथ आम आदमी पार्टी और अरविंद
केजरीवाल की बैठक हुई।दिल्ली में विधानसभा चुनाव खत्म हो चुका है। भाजपा ने जबरदस्त जीत
हासिल की है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्त का
सामना करना पड़ा है। हालांकि दिल्ली चुनाव के नतीजे खुद के खिलाफ जाने के बाद अरविंद
केजरीवाल सिर्फ एक बार मीडिया के सामने आए हैं। वह नतीजे के ही दिन मीडिया के सामने
आए और कहा कि हम दिल्ली के लोगों का दिया हुआ जनादेश स्वीकार करते हैं। हम मजबूत
विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। लेकिन आम आदमी पार्टी को लेकर चल रही तमाम अटकलों के
बावजूद अरविंद केजरीवाल और पार्टी के बड़े नेता पिछले तीन-चार दिनों से खामोश हैं।

क्यों खामोश हैं अरविंद केजरीवाल

एक दिन दिल्ली में जीते हुए विधायकों के साथ बैठक हुई। इस बैठक के बाद आतिशी ने अपना

वक्तव्य दिया। वहीं, मंगलवार को पंजाब के विधायकों और नेताओं के साथ आम आदमी पार्टी

और अरविंद केजरीवाल की बैठक हुई। उसके बाद भगवंत मान ने बाहर तमाम बातें कहीं। लेकिन

अरविंद केजरीवाल मीडिया के फ्रेम से पूरी तरीके से बाहर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि

आखिर अरविंद केजरीवाल कहां है? उनके दिमाग में क्या चल रहा है? जानकारी के मुताबिक अब

तक जितनी भी बैठक हुई है, एक को छोड़कर सारी अरविंद केजरीवाल के निवास पर ही हुए। पंजाब

के विधायकों के साथ अरविंद केजरीवाल ने कपूरथला हाउस में बैठक की थी। हालांकि, मीडिया के

सामने उनकी एक भी तस्वीर नहीं आई। हमेशा मीडिया में रहने वाले अरविंद केजरीवाल फिलहाल

तस्वीर से पूरी तरीके से गायब हैं इसलिए उनको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के

प्रवक्ताओं का दावा है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम लगातार बैठकें कर रही हैं। अरविंद

केजरीवाल चुनावी नतीजों के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा कर रहे हैं। इसके अलावा

एक सवाल खूब उठ रहा है कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों की बैठक दिल्ली

में क्यों बुलाई? इसको लेकर विशेषज्ञ मानते हैं अरविंद केजरीवाल यह कहीं से नहीं दिखाना चाहते

कि चुनाव में हार के बाद वह कमजोर हुए हैं। पंजाब के विधायकों के साथ दिल्ली में बैठक क जरिए

केजरीवाल यह संदेश देना चाहते हैं कि मैं मजबूत हूं। मुझे हल्के में नहीं लेना चाहिए। वह यह भी

दिखाना चाहते हैं की पार्टी की कमान पूरी तरीके से मेरे हाथ में है और पार्टी में टूट-फूट की

कोई गुंजाइश नहीं है। 

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