
राजकोर्ट अग्निकांड मामले में गुजरात हाई कोर्ट के दखल के बाद राज्य का
पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है। गुजरात पुलिस ने मामले में 6 लोगों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें से दो लोगों को गिरफ्तार करने
में उन्हें कामयाबी मिली है। इसके अलावा अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने
के लिए पुलिस की एक टीम काम पर लगी हुई है। बता दें, शनिवार शाम को
राजकोट के गेमिंग जोन में भीषण आग लग गयी थी। इस घटना में 9 बच्चों
सहित 28 लोगों की मौत हो गई। राजकोट के पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव ने
बताया कि आईपीसी की धारा 304, 308, 336, 338, 114 के तहत 6 लोगों
के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिनमें से 2 लोगों को गिरफ्तार कर
लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘क्राइम ब्रांच की टीम अन्य लोगों की गिरफ्तारी के
लिए काम कर रही है। हमारा प्रयास जल्द से जल्द जांच पूरी कर मामले में
आरोप पत्र दाखिल करना है।’राजकोर्ट में हुए इस भीषण अग्निकांड के बाद से
गेमिंग जोन की में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गेमिंग जोन को लेकर सामने आई चौकाने वाली जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, मनोरंजन केंद्र अग्नि निकासी के लिए अनापत्ति
प्रमाणपत्र (एनओसी) के बिना चल रहा था और उसके पास बाहर निकलने का
सिर्फ एक रास्ता था। इसके अलावा सामने आयी जानकारी के अनुसार, डिस्काउंट
ऑफर के कारण शनिवार को टीआरपी गेमिंग जोन लोगों से खचाखच भरा हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को गेमिंग जोन में एंट्री करने की कमर सिर्फ
₹99 थी।गेमिंग ज़ोन में आग लगने की वजहों का पता नहीं चल पाया है। ऐसा कहा
जा रहा है कि ये शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि
सटीक कारण पता जांच के बाद ही पता चलेगा। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी
ने कहा, ‘आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चला है। आग बुझाने में अग्निशमन
अभियान में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अस्थायी ढांचा ढह गया था।
शव पहचान से परे जल गए हैं। पहचान के लिए शवों और पीड़ित के रिश्तेदारों के डीएनए
नमूने एकत्र किए गए हैं।’