
नई दिल्ली। अमित शाह ने भाजपा को चुनावी बॉन्ड के मार्फत ज्यादा चंदा मिलने के
विपक्ष के दावे को सरासर झूठ करार दिया है। शाह ने साफ किया कि इंडी गठबंधन को
भी भाजपा के बराबर ही 6200 करोड़ का चंदा चुनावी बॉन्ड के मार्फत मिला है।
चुनावी बॉन्ड को लेकर विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गुरूवार
को इनकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी नेताओं को मुंह छुपाने
की जगह नहीं मिलेगी।
विपक्ष पर चुनावी बॉन्ड योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना से
राजनीतिक फंडिंग में कालेधन के इस्तेमाल रोकने में काफी हद तक मिल रही थी और इसके लिए
उन्होंने आंकड़े भी प्रस्तुत किये। एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने
विपक्ष पर चुनावी बॉन्ड योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने 1600 करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली किससे की
चुनावी बॉन्ड को सरकार की हफ्ता वसूली वाले राहुल गांधी के बयान जवाब देते हुए उन्होंने
कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि कांग्रेस ने 1600 करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली किससे की।
सरकार से मदद की आड़ में बॉन्ड लेने के झूठ का पर्दाफाश करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा
को चुनावी बॉन्ड से 90 फीसद फंड चुनाव के दौरान मिला है, जब आदर्श चुनाव आचार संहिता
लागू होती है। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान सरकार किसी भी मदद करने
की स्थिति में नहीं होती है।
चुनावी बॉन्ड से भाजपा को ज्यादा चंदा मिलने की बात सबसे बड़ा झूठ
उन्होंने कहा कि इनमें से तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के चुनावी बॉन्ड 2019 में चुनाव के
दौरान लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच मिले थे। अमित शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड
योजना लागू होने से राजनीतिक फंडिंग में कालेधन का इस्तेमाल कम करने में मदद मिली है।
इसके लिए उन्होंने भाजपा के फंडिंग का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि चुनावी बॉन्ड योजना
लागू होने के पहले भाजपा को 81 फीसद से अधिक फंडिंग नकद के रूप में मिलती थी,
जो योजना लागू होने के बाद 2017 और 2018 में 17 फीसद आ गई।