जनता के पैसों से बनवा लिया शीशमहल

जनता के पैसों से बनवा लिया शीशमहल
जनता के पैसों से बनवा लिया शीशमहल
अमित शाह ने आगे कहा कि जब अरविंद केजरीवाल राजनीति में आए, तो कहा करते थे कि वह सरकारी
गाड़ी या सरकारी बंगला नहीं लेंगे; आज उन्होंने दिल्लीवासियों के पैसे से शीश महल बनवाया।आम
आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दिल्लीवासियों के पैसे से शीश महल बनाया और उन्हें
राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को हिसाब देने की जरूरत है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे
मुझसे मिलने मेरे घर आये। मैंने उनसे पूछा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लिए क्या किया है।
एक बच्चे ने बताया कि उसने अपने लिए एक बड़ा शीश महल बनवाया है।  

जनता के पैसों से बनवा लिया शीशमहल

अमित शाह ने आगे कहा कि जब अरविंद केजरीवाल राजनीति में आए, तो कहा करते थे कि वह

सरकारी गाड़ी या सरकारी बंगला नहीं लेंगे; आज उन्होंने दिल्लीवासियों के पैसे से शीश महल

बनवाया। केजरीवाल जी, आपको दिल्ली की जनता को हिसाब देना होगा। शाह ने कहा, ‘जब वह

राजनीति में आए थे तो कहा करते थे कि वह सरकारी गाड़ी या सरकारी बंगला नहीं लेंगे। आज

उन्होंने दिल्लीवासियों की 45 करोड़ रुपये की 50 हजार गज जमीन पर अपने लिए शीशे का

महल बना लिया। केजरीवाल जी, आपको दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा। नए कामकाजी

महिला छात्रावास ब्लॉक ‘सुषमा भवन’ का आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया।

छात्रावास का नाम पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज के नाम पर रखा गया है। वहीं, दिल्ली की

मुख्यमंत्री भी रही थी। उद्घाटन कार्यक्रम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि सुषमा जी को पार्टी की महान नेताओं में से एक के रूप में सदैव याद किया

जाएगा। भारत के राजनीतिक इतिहास में – वह उन नेताओं में से एक हैं जो एनडीए 1 और

एनडीए 2 के दौरान मंत्री थीं और वह भी महत्वपूर्ण विभागों में; लेकिन उन्हें केवल एक मंत्री

के रूप में नहीं बल्कि विपक्ष के नेता के रूप में याद किया जाएगा। शाह ने साफ तौर पर कहा

कि वो सुषमा जी ही थीं जिन्होंने संसद में कांग्रेस के भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इसके

साथ ही उन्होंने विपक्ष को सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष के

सभी नेताओं को उनके काम का अध्ययन करना चाहिए और जो उन्होंने किया उसका

अनुसरण करने का प्रयास करना चाहिए।

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