
अब्दुल्ला ने पिछले बयान में कहा था कि अनुच्छेद 370 डोगरा समुदाय की हिफाजत के लिए था। इस
बयान के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 का संवैधानिक प्रावधान
जम्मू-कश्मीर में सभी की हिफाजत के लिए था।उन्होंने कहा, ‘‘यह जम्मू-कश्मीर की हिफाजत के
लिए था, यह वहां के लोगों की पहचान के बारे में था। चाहे वो डोगरा हों, लद्दाखी हों या जम्मू-कश्मीर
के लोग, यह सभी के लिए था न कि केवल किसी एक के लिए।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब कश्मीर के
महाराजा ने कानून बनाया तो वह हमारे रोजगार की हिफाजत करना चाहते थे क्योंकि ऐसी आशंका
थी कि बाहर से आए लोग रोजगार छीन लेंगे। यह तब (अनुच्छेद) 35 (ए) के अंतर्गत आता था।
(अनुच्छेद) 370 1949 में आया।’’वक्फ विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर जारी बहस के बीच
अब्दुल्ला ने कहा कि ‘‘अल्लाह वक्फ की हिफाजत करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को जो करना है
करने दें… वे अल्लाह या उसके रसूल का नाम नहीं मिटा सकते।